8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के अंतर्गत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के नियमों में एक ऐतिहासिक संशोधन किया है। सरकार ने CGHS वेलनेस सेंटर से 5 किलोमीटर की दूरी सीमा वाले अनिवार्य नियम को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।

5 किलोमीटर की दूरी की शर्त खत्म: अब कहीं से भी लें CGHS का लाभ

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, अब कोई भी केंद्रीय कर्मचारी CGHS वेलनेस सेंटर से तय 5 किलोमीटर की दूरी से बाहर रहने या कार्य करने के बावजूद इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकता है।

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​पहले के नियमानुसार, यदि किसी कर्मचारी का निवास स्थान या कार्यस्थल किसी CGHS वेलनेस सेंटर के 5 किलोमीटर के दायरे से बाहर होता था, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलता था। ऐसे कर्मचारियों को 'सेंट्रल सर्विसेज (मेडिकल अटेंडेंस) रूल्स, 1944' यानी CS(MA) रूल्स के तहत ही अपने चिकित्सा बिलों का पुनर्भुगतान (Reimbursement) कराना पड़ता था। इस पुरानी व्यवस्था के कारण दूरदराज या नॉन-CGHS क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को इलाज और कागजी प्रक्रिया में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

CS(MA) से CGHS में स्विच करने का मिलेगा एकमुश्त मौका

सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक लाभ उन केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा जो अभी तक CGHS की सीमित भौगोलिक सीमा से बाहर होने के कारण CS(MA) रूल्स 1944 के तहत कवर थे।

  • एकमुश्त विकल्प (One-Time Option): ऐसे सभी पात्र कर्मचारियों को अब CGHS कार्डधारक बनने का एक बार का विकल्प (One-Time Option) प्रदान किया जाएगा।
  • अनिवार्य शर्तें व भुगतान: CGHS का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी और तय अंशदान (Contribution Amount) का भुगतान करना होगा।
  • रिटायरमेंट तक बाध्यकारी नियम: सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को CGHS चुनने का यह अवसर केवल एक बार दिया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी एक बार CS(MA) छोड़कर CGHS का चयन कर लेता है, तो वह अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) तक अनिवार्य रूप से इसी स्कीम का पात्र बना रहेगा और दोबारा पुरानी व्यवस्था में वापस नहीं जा सकेगा।

कर्मचारियों को मिलेगी निर्बाध चिकित्सा और कैशलेस इलाज की सुविधा

केंद्रीय कर्मचारियों के तबादलों (Transfers) और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनाती के दौरान अक्सर यह देखा गया है कि आसपास CGHS वेलनेस सेंटर न होने के कारण उन्हें कैशलेस इलाज, नियमित जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों के परामर्श में दिक्कतें आती थीं। 5 किलोमीटर की दूरी का दायरा खत्म होने से अब कर्मचारी देश के किसी भी हिस्से में रहते हुए सीजीएचएस के एंपैनल्ड (Empanelled) निजी व सरकारी अस्पतालों में निर्बाध स्वास्थ्य सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण दवाओं और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

​8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किया गया यह सुधार केंद्रीय कर्मचारियों के कल्याण और उनके वित्तीय संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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