भारतीय सर्राफा बाजार (Indian Bullion Market) में आज, 22 सितंबर को भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे त्योहारी और शादियों के सीजन से पहले आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी के दामों में लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख बना हुआ है। आइए इस भारी गिरावट के आंकड़ों, इसके पीछे के वैश्विक कारणों, भविष्य के अनुमानों और सोने-चांदी की शुद्धता जांचने के तरीकों पर विस्तार से नजर डालते हैं।
आज क्या हैं सोने और चांदी के ताजा भाव?
बाजार खुलते ही आज कीमतों में नरमी का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दिन भर जारी रहा।
सोने का भाव: IBJA के अनुसार, 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने के दाम में आज 1,205 रुपये की भारी गिरावट आई है। इस बड़ी कटौती के बाद 10 ग्राम सोने का भाव फिसलकर 1.52 लाख रुपये के स्तर पर आ गया है।
चांदी का भाव: चांदी की चमक भी आज फीकी पड़ी है। एक किलोग्राम चांदी की कीमत में 2,412 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद इसका भाव 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›
अगर पिछले दो दिनों के आंकड़ों पर गौर करें, तो बाजार में निवेशकों की मुनाफावसूली का स्पष्ट असर दिख रहा है। पिछले दो दिनों में चांदी 4,000 रुपये से ज्यादा टूट चुकी है, जबकि सोने की कीमतों में 1,500 रुपये से अधिक की नरमी आ चुकी है। कल भी चांदी 1,916 रुपये और सोना 390 रुपये सस्ता हुआ था।
क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट?
इस भारी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण घरेलू नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक, 'फेडरल रिजर्व' (US Federal Reserve) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रही हलचल के बीच एक बड़ा कदम उठाते हुए 3 साल में पहली बार अपनी ब्याज दरों (Interest Rates) में बढ़ोतरी की है।
जब भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सरकारी बॉन्ड और अन्य निश्चित आय वाले निवेश विकल्पों (Fixed-income assets) पर रिटर्न बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया भर के निवेशक सोने जैसे गैर-उपज वाले (Non-yielding) निवेश से अपना पैसा निकालकर बॉन्ड मार्केट और डॉलर में निवेश करने लगते हैं। डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग घटती है, जिसका सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार में कीमतों की गिरावट के रूप में देखने को मिलता है।
क्या यह गिरावट लंबी चलेगी? (बाजार विशेषज्ञों की राय)
मौजूदा गिरावट को देखकर कई लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या सोने-चांदी के दाम आगे भी इसी तरह गिरते रहेंगे? बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि फिलहाल सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) का दौर कुछ और समय तक बना रह सकता है।
हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने को निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मिलेगा। संकट के समय में सोना हमेशा से एक 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven Asset) माना जाता रहा है। विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को अभी सतर्क रहना चाहिए क्योंकि बाजार में कमजोरी के संकेत हैं, लेकिन हर बड़ी गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी (Buy on dips) का एक बेहतरीन अवसर भी बन सकती है।
साल 2026 में सोने-चांदी का अब तक का सफर: 19 हजार महंगा हुआ सोना
भले ही आज सोने-चांदी के दाम गिरे हों, लेकिन अगर हम इस पूरे साल (2026) के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो सोने ने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है। इस साल सोना अब तक लगभग 19 से 20 हजार रुपये महंगा हो चुका है।
बीते साल से तुलना: 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपये थी, जो आज की गिरावट के बावजूद 1.52 लाख रुपये पर बनी हुई है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो अब 2.33 लाख रुपये पर है।
ऑल-टाइम हाई (All-Time High): इस साल 29 जनवरी को सर्राफा बाजार ने ऐतिहासिक ऊंचाई को छुआ था। उस दिन सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का अपना सर्वकालिक उच्चतम स्तर (All-time high) बनाया था। वहां से तुलना करें, तो बाजार अभी काफी नीचे आ चुका है।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का हमेशा रखें ध्यान
त्योहारी सीजन में गहनों की खरीदारी करते समय धोखाधड़ी से बचना बेहद जरूरी है।
सर्टिफाइड गोल्ड (BIS Hallmark) ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें। हर हॉलमार्क वाले गहने पर एक 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड होता है (उदाहरण: AZ4524)। इस कोड को 'BIS Care App' पर डालकर आप उस गहने की शुद्धता, निर्माता और कैरेट की पूरी कुंडली निकाल सकते हैं।
कीमत क्रॉस चेक करें: खरीदारी से पहले सोने का सही वजन और उस दिन की कीमत कई प्रामाणिक सोर्सेज (जैसे IBJA की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। याद रखें कि 24 कैरेट (शुद्ध सोना), 22 कैरेट (गहने बनाने वाला सोना) और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं। ज्वेलर्स अक्सर मेकिंग चार्ज के नाम पर भ्रमित कर सकते हैं, इसलिए बिल में सोने का भाव और मेकिंग चार्ज अलग-अलग लिखवाएं।
घर बैठे असली और नकली सोने की पहचान कैसे करें?
यदि आपके पास पहले से कोई गहना है या आप उसकी शुद्धता को लेकर आशंकित हैं, तो इन घरेलू तरीकों से सोने की जांच कर सकते हैं:
मैग्नेट टेस्ट (चुंबक परीक्षण): सोने में कोई भी चुंबकीय गुण (Magnetic properties) नहीं होते हैं। अपने सोने के गहने के पास एक शक्तिशाली चुंबक लाएं। अगर गहना चुंबक की तरफ आकर्षित होता है या उससे चिपक जाता है, तो समझ लीजिए कि उसमें लोहे या किसी अन्य सस्ती धातु की भारी मिलावट की गई है।
विनेगर टेस्ट (सिरका परीक्षण): अपने सोने के गहने पर सिरके (Vinegar) की 2-3 बूंदें डालें और 15-20 मिनट तक प्रतीक्षा करें। अगर सोना असली है, तो उसके रंग में कोई बदलाव नहीं आएगा। लेकिन अगर वह नकली है या उसमें तांबे/पीतल की मिलावट है, तो वह हिस्सा काला या हरा पड़ने लगेगा।
वाटर टेस्ट (पानी का परीक्षण): सोना बहुत उच्च घनत्व (High density) वाली भारी धातु है। एक गहरे कांच के बर्तन में पानी भरें और उसमें सोने का गहना डालें। असली सोना तुरंत पानी की तली में बैठ जाएगा। यदि वह तैरता है या बहुत धीरे-धीरे नीचे जाता है, तो वह नकली हो सकता है। असली सोने पर कभी जंग भी नहीं लगता।
असली चांदी की पहचान करने के 4 अचूक तरीके
सोने की तरह चांदी में भी जर्मन सिल्वर या एल्युमीनियम की मिलावट आम है। इसे पहचानने के 4 सरल तरीके हैं:
आइस टेस्ट (बर्फ परीक्षण): चांदी सभी धातुओं में ऊष्मा की सबसे बेहतरीन सुचालक (Best conductor of heat) होती है। चांदी के सिक्के या बर्तन पर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा रखें। आप देखेंगे कि कमरे के तापमान पर होने के बावजूद, बर्फ असली चांदी के संपर्क में आते ही बहुत तेजी से पिघलने लगेगी, जबकि किसी अन्य धातु पर यह सामान्य गति से पिघलेगी।
मैग्नेट टेस्ट: सोने की ही तरह, असली चांदी भी चुंबक से बिल्कुल नहीं चिपकती। चुंबक का चिपकना मतलब मिलावट की गारंटी है।
क्लॉथ टेस्ट (कपड़े से रगड़ने का परीक्षण): चांदी हवा में मौजूद सल्फर के संपर्क में आकर आसानी से ऑक्सीडाइज (Oxidize) हो जाती है। जब आप असली चांदी को किसी मुलायम सफेद सूती कपड़े से जोर से रगड़ेंगे, तो कपड़े पर काले रंग के निशान आ जाएंगे। नकली चांदी में ऐसा नहीं होता।
स्मेल टेस्ट (गंध परीक्षण): असली चांदी पूरी तरह से गंधहीन (Odorless) होती है। यदि आप इसे सूंघते हैं और उसमें से तांबे, पीतल या जंग जैसी धातु की गंध आती है, तो स्पष्ट है कि वह चांदी शत-प्रतिशत शुद्ध नहीं है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई सोने और चांदी की कीमतों की जानकारी इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और बाजार के मौजूदा रुझानों पर आधारित है। कमोडिटी बाजार में निवेश हमेशा बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। कीमतों में पल-पल बदलाव संभव है। असली-नकली की पहचान के तरीके केवल सामान्य घरेलू जांच के लिए हैं और ये किसी वैज्ञानिक या लैब टेस्ट का विकल्प नहीं हैं। कोई भी बड़ा निवेश करने या आभूषण खरीदने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें और हमेशा विश्वसनीय एवं सर्टिफाइड ज्वेलर से ही खरीदारी करें।