इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में करीब 40 मिनट का भाषण दिया। भाषण में उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, गाजा युद्ध, हिज्बुल्लाह, हमास और इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आलोचना पर अपना पक्ष रखा।
भाषण के दौरान उन्होंने एक पेजर और Starlink डिवाइस भी दिखाया। साथ ही न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और उनकी पत्नी रमा दुआजी का जिक्र करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए।
नेतन्याहू के UN मंच पर पहुंचते ही कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। कुछ प्रतिनिधियों ने विरोध भी किया। इसके जवाब में नेतन्याहू ने हॉल में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर और लोग जाना चाहते हैं तो वे भी जा सकते हैं।

उन्होंने वॉकआउट करने वालों को “moral cowards” कहा। रिपोर्टों के मुताबिक इजरायली प्रतिनिधिमंडल ने उनके भाषण के दौरान तालियां बजाकर समर्थन किया।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›पेजर हाथ में लेकर हिज्बुल्लाह को दिलाई याद
भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा तब आया जब नेतन्याहू ने हाथ में एक पेजर उठाया। उन्होंने 2024 में हिज्बुल्लाह के संचार नेटवर्क को निशाना बनाकर किए गए पेजर विस्फोटों का जिक्र किया।

उन्होंने पेजर दिखाते हुए पूछा- “Remember the beepers?” इसके बाद उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह इन पेजरों को जरूर याद करता होगा। नेतन्याहू ने दावा किया कि इस कार्रवाई के बाद हिज्बुल्लाह के बड़े हथियार भंडार को भी नुकसान पहुंचा।
सितंबर 2024 में लेबनान और सीरिया के कुछ हिस्सों में हिज्बुल्लाह से जुड़े हजारों पेजर फट गए थे। उस घटना में लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। हिज्बुल्लाह ने इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार बताया था। इजरायल ने बाद में इस ऑपरेशन के पीछे अपनी भूमिका स्वीकार की थी।
Starlink डिवाइस भी दिखाया
नेतन्याहू अपने साथ एक Starlink डिवाइस भी लेकर आए थे। उन्होंने इसका इस्तेमाल ईरान में इंटरनेट और लोगों की स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने के मुद्दे को उठाने के लिए किया।
उन्होंने कहा कि ईरानी शासन को सबसे ज्यादा डर तब लगता है जब उसके अपने नागरिकों के पास दुनिया से संपर्क करने और अपनी आवाज सामने रखने के साधन होते हैं। भाषण के दौरान उन्होंने Starlink डिवाइस UN के मंच पर छोड़ने की बात कही, ताकि इसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल तक पहुंचाया जा सके।
ईरान पर हमले को बताया जरूरी फैसला
नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजरायली हमले का भी जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु क्षमता इजरायल और पूरी दुनिया के लिए खतरा थी।
उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने का फैसला मुश्किल जरूर था, लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर उनके लिए यह सबसे आसान फैसलों में से एक था, क्योंकि उनके अनुसार कार्रवाई नहीं की जाती तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे। यह नेतन्याहू का अपना आकलन और उनके भाषण में रखा गया तर्क है।
नेतन्याहू ने ईरानी शासन के भविष्य को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि “people's power will overcome the people in power”, यानी लोगों की ताकत सत्ता में बैठे लोगों पर भारी पड़ेगी। उन्होंने ईरानी सरकार को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
ममदानी पर सीधा हमला
भाषण में नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने ममदानी पर इजरायल के खिलाफ गलत बातें फैलाने और यहूदियों के लिए माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने ममदानी को “antisemitic mayor” कहकर संबोधित किया और कहा कि उनके मेयर बनने के बाद न्यूयॉर्क में कई यहूदी खुद को पहले की तरह सुरक्षित महसूस नहीं करते। ममदानी इजरायल की गाजा नीति और नेतन्याहू के खिलाफ पहले भी सार्वजनिक रूप से आलोचनात्मक रुख रखते रहे हैं।
ममदानी की पत्नी रमा दुआजी का भी जिक्र
नेतन्याहू ने ममदानी की पत्नी रमा दुआजी का भी भाषण में जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दुआजी ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट को लाइक किया था जिसमें 7 अक्टूबर के हमले की प्रशंसा की गई थी।
नेतन्याहू ने ममदानी से सवाल किया कि उन्होंने अपनी पत्नी की ऐसी सोशल मीडिया activity की निंदा क्यों नहीं की। यह आरोप नेतन्याहू की ओर से लगाया गया था; दुआजी और ममदानी की तरफ से इन आरोपों पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
नेतन्याहू ने ममदानी के कुछ अन्य लोगों से संबंधों का भी जिक्र किया और उनके इजरायल विरोधी रुख को निशाना बनाया। ममदानी ने बाद में नेतन्याहू के भाषण को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि इजरायली प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ “baseless lies” दोहराईं।
गाजा पर ‘नरसंहार’ के आरोप को किया खारिज
गाजा में इजरायल की कार्रवाई पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने आरोप को “lie of the century” बताया और कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उनके अनुसार उसने उस खतरे को रोका।
यह नेतन्याहू और इजरायल सरकार का पक्ष है। दूसरी ओर, गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आरोप और कानूनी विवाद जारी हैं। ममदानी समेत इजरायल के आलोचक नेतन्याहू के इस दावे को स्वीकार नहीं करते।
बोले- सात मोर्चों पर लड़ रहा है इजरायल
नेतन्याहू ने इजरायल की मौजूदा स्थिति को “seven-front war” बताया। उन्होंने हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान, इराक और सीरिया में सक्रिय मिलिशिया तथा वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों से जुड़े मोर्चों का जिक्र किया। उन्होंने इजरायली सैनिकों की कार्रवाई और अमेरिका के समर्थन की भी सराहना की।
भाषण के अंत में नेतन्याहू ने इजरायल की स्थिति को लेकर कहा कि उनका देश पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कई बार “We will win. We have no other choice” का संदेश दिया।
इस तरह नेतन्याहू का UN भाषण सिर्फ ईरान और गाजा तक सीमित नहीं रहा। पेजर दिखाना, Starlink डिवाइस छोड़ना, ममदानी और उनकी पत्नी रमा दुआजी का जिक्र, ईरान पर हमला सही ठहराना और वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों को जवाब देना—इन सभी घटनाओं ने भाषण को खास तौर पर चर्चा में ला दिया।
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