ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर हाथ में उठाकर दिखाई। उन्होंने ईरान पर लगाए जा रहे आतंकवाद और अस्थिरता के आरोपों का विरोध किया। 

पजशकियान ने अपने भाषण में कहा-

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ईरान ने पिछले 200 वर्षों में किसी देश पर हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि ईरान की नीति आक्रामकता नहीं बल्कि अपनी रक्षा करने की है। 

UN में खामेनेई की तस्वीर क्यों दिखाई?

पजशकियान जब UN के मंच पर पहुंचे तो उन्होंने भाषण के दौरान दिवंगत अली खामेनेई की तस्वीर दिखाई। उन्होंने इसके साथ ईरान के मिनाब शहर में मारे गए स्कूली बच्चों की तस्वीरें भी दिखाईं।

खामेनेई की तस्वीर दिखाते हुए पजशकियान ने ईरान पर हुए हमलों और अपने देश की प्रतिक्रिया का जिक्र किया। मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, अली खामेनेई फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे गए थे। 

बोले- हम आतंकवाद के पीड़ित हैं

पजशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को आतंकवादी बताने वाले बयान का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ईरान आतंकवाद का आरोपी नहीं, बल्कि उसका पीड़ित है।

उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के खिलाफ हमले करने का आरोप लगाया। पजशकियान ने कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा की और युद्ध के दबाव के सामने झुका नहीं। 

‘ईरान ने 200 साल में किसी देश पर हमला नहीं किया’

पजशकियान के भाषण का एक प्रमुख हिस्सा ईरान की सैन्य नीति से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि ईरान ने 200 वर्षों में किसी देश पर हमला नहीं किया और हमेशा अपनी रक्षा की है।

उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए ताकत चाहिए, लेकिन उसका उद्देश्य दूसरे देशों पर हमला करना नहीं है। उनके मुताबिक, ईरान बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन दबाव या धमकी की भाषा स्वीकार नहीं करेगा। 

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से सैन्य तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास भी जारी रहने की खबरें हैं।

परमाणु हथियारों पर भी अमेरिका-इजरायल को घेरा

पजशकियान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का बचाव करते हुए अमेरिका और इजरायल की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने इजरायल के परमाणु हथियारों और ईरान में अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को लेकर दोहरे मानदंड का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि ईरान पर परमाणु निरीक्षण का दबाव बनाया जाता है, जबकि इजरायल को लेकर अलग नीति अपनाई जाती है। यह उनके भाषण में लगाए गए राजनीतिक आरोप थे। 

बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात

पजशकियान ने भाषण में सिर्फ सैन्य टकराव की बात नहीं की। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत, कूटनीति और वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए ताकत के इस्तेमाल या धमकी की भाषा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ईरान दुनिया के साथ सहयोग करना चाहता है और क्षेत्र में सुरक्षा के लिए सभी देशों को साथ काम करना होगा। 

इस तरह पजशकियान के भाषण में एक तरफ ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई का विरोध दिखा, तो दूसरी तरफ बातचीत का रास्ता खुला रखने का संदेश भी दिया गया।

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