मेरठ में वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड की स्मार्ट मीटर योजना के तहत लगाए गए पुराने स्मार्ट मीटर अब बिजली विभाग के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। इन मीटरों को लगाने का काम EESL कंपनी को दिया गया था। पॉवर कार्पोरेशन और कंपनी के बीच आठ वर्ष का अनुबंध था। अब अनुबंध अवधि पूरी होने और मीटरों की वारंटी समाप्त होने के करीब पहुंचने के कारण विभाग पुराने मीटरों को चरणबद्ध तरीके से नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने पर जोर दे रहा है।
पुराने मीटरों की जगह लगेंगे नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटर
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के अधिकारियों के अनुसार, अनुबंध और वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद पुराने मीटरों में तकनीकी खराबी आने पर पहले की तरह संबंधित कंपनी से सेवा लेने की व्यवस्था उपलब्ध नहीं रह सकती। ऐसी स्थिति में मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए विभाग को अपनी वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
विभाग का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि मीटर खराब होने पर उपभोक्ता की शिकायत का समाधान नहीं होगा। शिकायत दर्ज होने के बाद विभागीय स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की व्यवस्था जारी रहेगी। हालांकि, पुराने मीटरों की संख्या अधिक रहने पर एक साथ बड़ी संख्या में तकनीकी शिकायतें आने की स्थिति में विभाग पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
मेरठ में 31,818 पुराने स्मार्ट मीटर लगाए गए थे
मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम रजनीकांत मिश्रा के अनुसार, वर्ष 2018 की योजना के तहत मेरठ जोन प्रथम में EESL को 1,28,157 स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया था। इनमें 24,806 मीटर लगाए गए, जबकि 1,03,348 मीटर नहीं लग सके।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›मेरठ जोन द्वितीय में 11,470 मीटर लगाने का लक्ष्य था। अधिकारियों के अनुसार विरोध के कारण 7,009 मीटर लगाए जा सके और 4,461 मीटर लगना बाकी रह गए। दोनों जोन में लगाए गए कुल 31,818 पुराने स्मार्ट मीटर अब बदले जाने हैं।
इन मीटरों को वर्ष 2023 से AMISP कंपनी की ओर से लगाए जा रहे नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने की प्रक्रिया जारी है।
नए मीटर लगाने का काम भी जारी
PVVNL के आंकड़ों के अनुसार मेरठ जोन प्रथम में AMISP कंपनी को 3,50,334 स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें 1,36,536 मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि 2,13,798 मीटर अभी लगाए जाने बाकी हैं।
मेरठ जोन द्वितीय में 6,98,916 स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाने का लक्ष्य है। इनमें 1,55,128 मीटर लगाए जा चुके हैं और 5,43,788 मीटर लगाए जाने बाकी हैं।
इस तरह दोनों जोन में नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाने का काम अभी जारी है। पुराने स्मार्ट मीटरों को भी इसी प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से बदला जाना है।
मीटर खराब होने पर उपभोक्ता को क्या करना होगा?
यदि पुराने स्मार्ट मीटर में तकनीकी खराबी आती है तो उपभोक्ता को विभाग में शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत मीटर की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रीडिंग में तकनीकी समस्या आने पर बिल को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। ऐसे मामलों में मीटर की जांच के बाद नियमानुसार बिल में आवश्यक सुधार की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि EESL के साथ आठ वर्ष का अनुबंध था और अब पुराने मीटरों को नए स्मार्ट पोस्टपेड मीटरों से बदलने की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मीटर बदलने का उद्देश्य पुरानी व्यवस्था को नई व्यवस्था से बदलना है। मीटर संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए विभागीय व्यवस्था बनी रहेगी।
DISCLAIMER:
यह खबर उपलब्ध विभागीय जानकारी और अधिकारियों के बताए आंकड़ों पर आधारित है। मीटर बदलने की प्रक्रिया, वारंटी, अनुबंध और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर विभागीय निर्देशों के अनुसार बदल सकती है। उपभोक्ता मीटर बदलने से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए PVVNL के अधिकृत माध्यम से पुष्टि करें।