उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस नई तबादला सूची में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो अहम जिलों— बिजनौर और बागपत में नए जिलाधिकारियों (DM) की तैनाती की गई है। दोनों ही जिलों की महिला जिलाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए शासन में भेजा गया है।
बिजनौर: उमेश प्रताप सिंह बने नए जिलाधिकारी
बिजनौर जनपद में बड़ा फेरबदल करते हुए मौजूदा जिलाधिकारी जसजीत कौर का तबादला कर दिया गया है। शासन ने उन्हें अब उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है। उनकी जगह पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
उमेश प्रताप सिंह इससे पूर्व शासन में विशेष सचिव (पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग) के पद पर तैनात थे। इसके साथ ही वह निदेशक (पिछड़ा वर्ग कल्याण) एवं प्रबंध निदेशक (पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाल रहे थे। अब वह बिजनौर जिले के विकास और प्रशासनिक कार्यों की कमान संभालेंगे।
बागपत: दिव्यांशु पटेल होंगे नए डीएम, अस्मिता लाल का तबादला
बागपत में भी प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव किया गया है। सोमवार देर रात जारी आदेश के अनुसार, बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल का तबादला कर दिया गया है। उन्हें उमेश प्रताप सिंह की जगह विशेष सचिव, निदेशक व प्रबंध निदेशक (पिछड़ा वर्ग कल्याण) की जिम्मेदारी दी गई है। बागपत की नई कमान मुरादाबाद के नगर आयुक्त रहे दिव्यांशु पटेल को सौंपी गई है। दिव्यांशु पटेल 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। माना जा रहा है कि वह बुधवार को बागपत में अपना कार्यभार ग्रहण कर लेंगे।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›अस्मिता लाल का सफल कार्यकाल और नवाचार
अस्मिता लाल ने बागपत में लगभग एक साल आठ महीने (18 जनवरी 2025 से) तक जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल को जिले में किए गए कई नवाचारी और विकासात्मक कार्यों के लिए याद किया जाएगा।
- सुंदरीकरण और पर्यावरण: उनके नेतृत्व में बागपत के सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया।
- वेस्ट मैनेजमेंट: स्कूलों के लिए वेस्ट (कचरे) को रिसाइकल कर गमले बनवाने की अनूठी पहल की गई।
- धार्मिक स्थलों का प्रबंधन: पुरा महादेव मंदिर में चढ़ने वाले दूध को नालियों में बहने से रोककर उसे गोशालाओं में उपयोग करने का सराहनीय और नवाचारी कार्य किया गया।
- संविधान पार्क: जिले में संविधान पार्क का निर्माण भी उनके कार्यकाल की एक प्रमुख उपलब्धि रही।