शामली न्यूज: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जो ग्रामीण इलाकों में जमीनी विवादों की हकीकत को बयां करता है। जिले के चौसाना चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मीपुरा गांव में कुछ लोगों ने रात के अंधेरे में एक किसान के खेत में बोई गई करीब दो बीघा मेथी की फसल को ट्रैक्टर से जोतकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह घटना तब अंजाम दी गई जब पीड़ित किसान ने सालों पुराना भूमि विवाद कोर्ट से जीतने के बाद विधिवत रूप से अपने खेत में फसल बोई थी। पीड़ित ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर न्याय और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।

कोर्ट और राजस्व विभाग से फैसला पक्ष में आने के बाद बोई थी फसल पीड़ित किसान कमल सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि गांव के ही कुछ लोगों के साथ उनकी करीब दो बीघा कृषि भूमि के मालिकाना हक (स्वामित्व) को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद की सुनवाई कई वर्षों तक निचली अदालतों में चली। अंततः न्यायालय ने सभी सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर कमल सिंह के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। इसके बाद, हाल ही में सितंबर महीने में डीडीसी (डिप्टी डायरेक्टर चकबंदी) के समक्ष चल रहे मामले में भी पूरी सुनवाई के बाद अंतिम फैसला पीड़ित किसान के ही हक में दिया गया।

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राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर लिया था कानूनी कब्जा लंबे समय तक चली इस कानूनी लड़ाई को जीतने के बाद, अपर जिलाधिकारी (एडीएम) के आदेश पर राजस्व अभिलेखों (सरकारी रिकॉर्ड) में आवश्यक दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद सरकारी खतौनी में कानूनी रूप से कमल सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम दर्ज कर दिया गया। सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने और प्रशासन से मालिकाना हक मिलने के बाद, कमल सिंह ने नियमों का पालन करते हुए अपने खेत पर कब्जा लिया और उसमें दो बीघा मेथी की फसल बो दी। किसान को उम्मीद थी कि अब उसकी परेशानियां हमेशा के लिए खत्म हो गई हैं।

रात के अंधेरे में ट्रैक्टर से जोत दी खून-पसीने की फसल कमल सिंह का आरोप है कि जिन लोगों से उनका यह जमीनी विवाद चल रहा था, वे कोर्ट के इस फैसले से बौखला गए और कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने एक साजिश के तहत रात के समय खेत में पहुंचकर खड़ी मेथी की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। सुबह जब कमल सिंह अपने खेत पर पहुंचे, तो वहां का बर्बाद नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी मेहनत से बोई गई पूरी फसल मिट्टी में मिल चुकी थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई का आश्वासन इस घटना के बाद पीड़ित किसान ने न्याय के लिए तुरंत चौसाना पुलिस चौकी पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि उन्हें फसल उजाड़ने की शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस अब भूमि से संबंधित सभी कानूनी दस्तावेजों, खतौनी और कोर्ट के आदेशों की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट आश्वासन है कि दस्तावेजों की जांच और मौके के मुआयने के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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