बिजनौर में पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार, समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। दूसरी ओर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई भी जारी है। हाल के दिनों में हनीट्रैप और कथित फर्जी मुकदमों के जरिए वसूली के मामले में पुलिस की कार्रवाई विशेष रूप से चर्चा में रही है।

जनसुनवाई में शिकायतों के निस्तारण पर जोर

बिजनौर में थाना समाधान दिवस के दौरान भी एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और जिलाधिकारी जसजीत कौर ने थानों में पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुनी थीं। अधिकारियों ने शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए थे। पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार यह जोर दिया जा रहा है कि शिकायतों की जांच नियमानुसार हो और पीड़ितों को अनावश्यक परेशानी न हो।

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जनसुनवाई में प्राप्त प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को भेजकर उनकी जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। इससे पुलिस की प्राथमिकता शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्रवाई की बनी हुई है।

हनीट्रैप मामले में लगातार बढ़ी कार्रवाई

बिजनौर में जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा से जुड़े कथित हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लगातार आगे बढ़ी है। पुलिस के अनुसार, गिरोह पर लोगों को दुष्कर्म या गैंगरेप जैसे गंभीर मामलों में फंसाने का दबाव बनाकर कथित तौर पर रकम वसूलने के आरोप हैं। जांच में बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसे कई मामलों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।

20 सितंबर तक प्रकाशित रिपोर्टों में गिरोह के खिलाफ 17 प्राथमिकी और 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद 22 सितंबर को चांदपुर में एक और प्राथमिकी दर्ज होने के साथ यह संख्या 18 तक पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में सात महिलाएं भी शामिल हैं।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह के सदस्य विवादों और मुकदमेबाजी से जुड़े मामलों में लोगों पर दबाव बनाने तथा समझौते के नाम पर रकम वसूलने की कोशिश करते थे। अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों में नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

आगे भी जांच और कानूनी कार्रवाई जारी

हनीट्रैप मामले में पुलिस फरार बताए जा रहे अन्य आरोपियों की तलाश और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं जनसुनवाई के जरिए आम लोगों की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया जारी है।

डिस्क्लेमर: हनीट्रैप मामले में आरोप पुलिस की जांच, दर्ज प्राथमिकी और मीडिया में उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं। किसी आरोपी का दोष न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर तय होगा। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

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