दिल्ली से बाहर पहली बार गुजरात के एकता नगर में सजी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की महफिल। दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को सिनेमा के सर्वोच्च दादा साहेब फाल्के सम्मान से नवाजा गया। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्मी सितारों को हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करने की सख्त नसीहत दी।
भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और गरिमामयी सम्मान, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (72nd National Film Awards) समारोह का मंगलवार को भव्य आयोजन किया गया। सिनेमाई उत्कृष्टता को सलाम करने वाला यह कार्यक्रम इस बार अपने पारंपरिक आयोजन स्थल से हटकर एक नई जगह पर हुआ। इतिहास में पहली बार यह समारोह देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन के बजाय गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में आयोजित किया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के इस शहर में कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां देश भर की क्षेत्रीय और हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया गया।
इन पुरस्कारों के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा 18 जुलाई को ही कर दी गई थी, लेकिन मंगलवार को विजेताओं को जब मेडल और नकद पुरस्कार सौंपे गए, तो कलाकारों की आंखें गर्व और खुशी से छलक उठीं। इस साल बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक का दबदबा देखने को मिला है।

एक्टिंग के धुरंधर: कार्तिक, ममूटी और यामी के सिर सजा ताज
इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) की श्रेणी में कड़ा मुकाबला था, जिसे बॉलीवुड के युवा स्टार कार्तिक आर्यन और मलयालम सिनेमा के मेगास्टार ममूटी ने अपने नाम किया।
कार्तिक आर्यन: बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन को उनकी फिल्म 'चंदू चैंपियन' (Chandu Champion) में मुरलीकांत पेटकर के जीवन को पर्दे पर जीवंत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद भावुक कार्तिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, "यह एक अनरियल फीलिंग (Unreal Feeling) है। मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में एक्सप्रेस नहीं कर पा रहा हूं।"
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›ममूटी: साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को उनकी बहुचर्चित फिल्म 'ब्रह्मयुगम' (Bramayugam) में उनके शानदार और रहस्यमयी अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान दिया गया।
यामी गौतम: सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (Best Actress) का खिताब बॉलीवुड अदाकारा यामी गौतम ने अपने नाम किया। उन्हें ब्लॉकबस्टर और गंभीर मुद्दे पर आधारित फिल्म 'आर्टिकल 370' (Article 370) में एक निडर इंटेलिजेंस ऑफिसर की भूमिका निभाने के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला।
फीचर फिल्मों का जलवा: 'श्रीकांत' और 'आर्टिकल 370' ने मारी बाजी
फिल्मों की बात करें तो इस साल कंटेंट आधारित सिनेमा को राष्ट्रीय ज्यूरी ने खूब सराहा है।
बेस्ट हिंदी फिल्म: दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला के संघर्ष और सफलता पर आधारित फिल्म 'श्रीकांत' (Srikanth) को 'बेस्ट हिंदी फिल्म' का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
बेस्ट फीचर फिल्म: कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने की पृष्ठभूमि पर बनी 'आर्टिकल 370' ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया। यामी गौतम के पति और इस फिल्म से जुड़े फिल्ममेकर आदित्य धर को भी समारोह में सम्मानित किया गया।
धनुष का डबल धमाका: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार धनुष ने इस साल भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्हें इस 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में दो अलग-अलग श्रेणियों में नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

अनंत नाग को मिला सर्वोच्च 'दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड 2024'
भारतीय सिनेमा में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले और 300 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के लिए 'दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड' (Dadasaheb Phalke Award) से सम्मानित किया गया। उन्होंने कन्नड़, तेलुगु, मराठी और हिंदी सिनेमा में अपने 55 साल लंबे और बेदाग करियर से एक अमिट छाप छोड़ी है।
राष्ट्रपति के हाथों सम्मान पाने के बाद अनंत नाग ने एक बेहद भावुक और प्रेरक भाषण दिया। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, “एक एक्टर के तौर पर आपने मेरी परफॉर्मेंस देखी है। मैंने अपने बचपन के 12 साल एक आश्रम में गुजारे थे। इसके बाद मुझे मुंबई भेज दिया गया, जहां मुझे प्ले 'चैतन्य महाप्रभु' में एक्टिंग का पहला मौका मिला। उस समय करियर क्या होता है, यह किसी को नहीं पता था। मैंने पापी पेट के लिए यह करियर शुरू किया था और फिर 5 सालों में 50 नाटकों में काम किया।”
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पूरी फिल्म बिरादरी को देते हुए कहा, "यह अवॉर्ड सिर्फ मेरे लिए नहीं है, बल्कि हर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, डायलॉग राइटर, सॉन्ग राइटर, मेकअप आर्टिस्ट और असिस्टेंट डायरेक्टर के लिए है। यह अवॉर्ड उन लाखों लोगों के लिए है, जिन्होंने मुझे अपने जहन और दिलों में जगह दी। पिछले साल मुझे मुर्मू जी के हाथों ही पद्म भूषण मिला था, और आज यह सम्मान पाना मेरे लिए परम सौभाग्य है। यह देश मेरी जन्मभूमि है, कर्नाटक मेरी कर्मभूमि है और भारत मेरी धर्मभूमि भी है। जय हिंद, वंदे मातरम।"
देखें लिस्ट
अवॉर्ड कैटेगरी | नाम |
| बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन | कल्कि 2898 ई |
| बेस्ट मेक-अप आर्टिस्ट | समिति कुरोलू |
| बेस्ट एक्शन डायरेक्शन | अनल अरासु (महाराजा) |
| बेस्ट ड्रेस डिजाइन | पुष्पा 2 (दीपाली नूर और शीतल शर्मा) |
| बेस्ट संगीत निर्देशन | आर्टिकल 370 (शाश्वत सचदेव) |
| बैकग्राउंड स्कोर के लिए बेस्ट संगीत निर्देशन | अमरान |
| बेस्ट सॉन्ग | मनोज मुंतशिर (मैदान) |
| बेस्ट प्लेबैक सिंगर मेल | अभय जोधपुरकर, नवसाची गौरी माजी से घरत गणपति |
| बेस्ट प्लेबैक सिंगर फीमेल | एआरएम से अंगु वाना कोनिलु के लिए वैकोम विजयलक्ष्मी |
| बेस्ट कोरियोग्राफी | विजय गांगुली (स्त्री 2) |
| बेस्ट साउंड डिजाइन | मानस चौधरी (भूल भुलैया 3) |
| बेस्ट एडिटिंग | आर कलाईवन्नन (अमरान) |
| बेस्ट असमिया फिल्म | जुईफूल |
| बेस्ट बंगाली फिल्म | चलचित्र एखोन |
| बेस्ट हिंदी फिल्म | श्रीकांत |
| बेस्ट कन्नड़ फिल्म | मिथ्या |
| बेस्ट मराठी फिल्म | मुक्कम पोस्ट बोम्बिलवाड़ी |
| बेस्ट मलयालम फिल्म | फेमिनिची फातिमा |
| बेस्ट उड़िया फिल्म | लहरी |
| बेस्ट तमिल फिल्म | रायन |
| बेस्ट गढ़वाली फिल्म | ढोली |
| बेस्ट तेलुगू फिल्म | समिति कुर्रोलु |
| बेस्ट गुजराती फिल्म | मारन |
| बेस्ट मणिपुरी फिल्म | सुनीता |
| बेस्ट कोंकणी फिल्म | मोग आसुम |
| स्पेशल मेंशन अवॉर्ड्स | ‘कैप्टन मिलर’ के लिए धनुष और ‘मियाझागन’ के लिए सुरेन जी |
राष्ट्रपति मुर्मू की सितारों को सख्त नसीहत: "रोशनी फैलाएं, अंधेरा नहीं"
समारोह को संबोधित करते हुए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म इंडस्ट्री और कलाकारों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का कड़ा अहसास कराया। उन्होंने ज्यूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, “मैं चाहूंगी कि भविष्य में प्रत्येक ज्यूरी पैनल में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।”
विज्ञापनों को लेकर सितारों को नसीहत देते हुए राष्ट्रपति ने कहा, "फिल्म कलाकार हमारे देश में बहुत लोकप्रिय होते हैं। उनमें देशवासियों, विशेषकर युवाओं के विचारों और जीवनशैली को प्रभावित करने की अपार क्षमता होती है। मैं सभी लोकप्रिय कलाकारों से यह अनुरोध करना चाहूंगी कि वे अपने आर्थिक लाभ के लिए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों (जैसे तंबाकू, पान मसाला आदि) का एंडोर्समेंट (प्रचार) कतई न करें। सच्चा स्टार वही है, जो समाज में रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।"
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का इतिहास और बढ़ती प्राइज मनी
क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत कब हुई और विजेताओं को सम्मान के रूप में कितनी राशि (Prize Money) दी जाती है? साल 1954 में जब नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की शुरुआत हुई थी, तब सिर्फ 7 पुरस्कार ही बांटे गए थे। आज, 72 साल बाद इस मंच से 45 पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें 26 फीचर फिल्म, 16 नॉन-फीचर फिल्म, सिनेमा पर लेखन के 2 और 1 दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड शामिल है।
पुरस्कार राशि का सफर:
शुरुआती दौर में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सिर्फ गोल्ड मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट ही दिए जाते थे।
पहली बार साल 1957 में नकद पुरस्कार देने की शुरुआत हुई, तब सर्वश्रेष्ठ निर्देशक को 5 हजार रुपये और निर्माता को 20 हजार रुपये मिलते थे।
साल 1975 में पहली बार बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस को नकद 10 हजार रुपये देने की प्रथा शुरू हुई।
वर्तमान प्राइज मनी (2026): अब ऑफिशियल नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की नियमावली के अनुसार, बेस्ट एक्टर (जैसे कार्तिक आर्यन, ममूटी) और बेस्ट एक्ट्रेस (जैसे यामी गौतम) को 'रजत कमल' (Rajat Kamal) पदक के साथ-साथ 2 लाख रुपये का नकद नकद पुरस्कार दिया जाता है।
जिन श्रेणियों में सर्वोच्च 'स्वर्ण कमल' (Swarna Kamal) प्रदान किया जाता है (जैसे बेस्ट फीचर फिल्म या बेस्ट डायरेक्टर), वहां विजेताओं को 3 लाख रुपये की प्राइज मनी दी जाती है।
वहीं, 1969 में शुरू हुए सिनेमा के सर्वोच्च 'दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड' की नकद पुरस्कार राशि जो कभी 11 हजार रुपये हुआ करती थी, वह अब बढ़कर 10 लाख रुपये हो चुकी है, जो इस बार अनंत नाग को प्रदान की गई है।