मेरठ में एटीएम कार्ड से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रामगढ़ी निवासी सुशील कुमार ने एचडीएफसी बैंक की गढ़ रोड शाखा के मैनेजर शेखर गुप्ता और कर्मचारी सिद्धार्थ कौशिक के खिलाफ शिकायत की है। सुशील का आरोप है कि खोया हुआ एटीएम बंद कराने और नया कार्ड बनवाने के लिए बैंक पहुंचने के बाद उनके खाते से बिना अनुमति 2 लाख 14 हजार 200 रुपये निकाल लिए गए। हिन्दुस्तान की प्रकाशित रिपोर्ट में भी मेरठ में एटीएम कार्ड बदलने के बाद 2.14 लाख रुपये की निकासी और शिकायत दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

बैंक में दी थी कार्ड की जानकारी

शिकायत के अनुसार, सुशील कुमार 21 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे गढ़ रोड स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा पहुंचे थे। उनका एटीएम कार्ड खो गया था। उन्होंने कार्ड बंद कराने और नया एटीएम कार्ड बनवाने के संबंध में बैंक कर्मचारी सिद्धार्थ कौशिक से संपर्क किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुशील का आरोप है कि कर्मचारी ने उनसे बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर समेत जरूरी जानकारी ली। उन्हें अगले दिन यानी 22 अप्रैल को बैंक आकर नया एटीएम कार्ड लेने के लिए कहा गया।

सुशील के मुताबिक, 22 अप्रैल को वह कंपनी की मीटिंग के सिलसिले में नोएडा चले गए थे। मीटिंग बेसमेंट में होने के कारण मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था। इसी वजह से खाते से रकम निकलने के मैसेज की जानकारी उन्हें तत्काल नहीं मिल सकी।

23 अप्रैल की सुबह खाते से रकम निकलने का मैसेज मिलने के बाद वह बैंक पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी से खाते से पैसे निकाले जाने के संबंध में जानकारी मांगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें इस बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

2.14 लाख रुपये की निकासी का आरोप

सुशील ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके नाम पर डुप्लीकेट एटीएम कार्ड तैयार कर खाते से कुल 2 लाख 14 हजार 200 रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने बैंक मैनेजर और कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराने की मांग की है। साथ ही खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग भी की है।

मामले से जुड़ी उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट में भी 2 लाख 14 हजार 200 रुपये की निकासी और पुलिस शिकायत दर्ज होने का उल्लेख है। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपये की निकासी का भी जिक्र किया गया था।

शिकायत के दौरान सुशील पोस्टर लेकर भी पहुंचे। उन्होंने कथित एटीएम लुटेरों को पकड़ने में मदद करने वाले लोगों को 51 हजार रुपये का नकद इनाम देने की बात कही।

फिलहाल बैंक की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं मिला है। इसलिए बैंक मैनेजर या कर्मचारी की भूमिका को जांच पूरी होने से पहले साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। मामले में बैंक रिकॉर्ड, एटीएम कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया और खाते से हुए लेनदेन की जांच महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: इस खबर में बैंक मैनेजर और कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अंतिम जिम्मेदारी जांच तथा सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन