बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र में नफीस अहमद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आरिफ, शोएब और महफूज के रूप में हुई है। तीनों स्योहारा थाना क्षेत्र के विरामपुर उर्फ अलादीनपुर गांव के रहने वाले और अहमद अली के पुत्र बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान इन तीनों के नाम सामने आए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
पुलिस के मुताबिक, नफीस की हत्या गला काटकर किए जाने और शव को छिपाने का आरोप है। मामले में मृतक की मां तसवीरन की तहरीर पर 28 जुलाई 2026 को स्योहारा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में उवेश, साजिद और सितारा समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।
28 जुलाई को दर्ज हुआ था मुकदमा
मृतक नफीस अहमद की मां तसवीरन, पत्नी स्वर्गीय शरीफ, निवासी ग्राम चकमहदूदसानी, थाना स्योहारा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके बेटे की हत्या की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को छिपाया गया।
#BijnorPolice
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›
थाना स्योहारा पुलिस द्वारा मु0अ0सं0- 298/2026 धारा 103(1),238(A),3(5) बीएनएस से संबंधित 03 अभियुक्तो को गिरफ्तार किया गया ।#UPPolice pic.twitter.com/QwxU2IOR28— BIJNOR POLICE (@bijnorpolice) September 22, 2026
शिकायत के आधार पर थाना स्योहारा में मुकदमा अपराध संख्या 298/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238(A) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की। इसी विवेचना में आरिफ, शोएब और महफूज के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया।
22 सितंबर को तीनों गिरफ्तार
स्योहारा पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक अरुण कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने 22 सितंबर 2026 को कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई में अभी यह महत्वपूर्ण है कि मामले में पहले नामजद किए गए लोगों और विवेचना में सामने आए आरोपियों के बीच क्या भूमिका रही, इसकी जांच किस स्तर तक पहुंची है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने विवेचना के दौरान सामने आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हत्या के मामलों में अंतिम जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर तय होती है। इसलिए पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को न्यायिक निर्णय से पहले अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
बिजनौर पुलिस की हालिया कार्रवाई में भी हत्या के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना जारी रहने की जानकारी सामने आई है। सितंबर में नजीबाबाद क्षेत्र में शिक्षक नौशाद अहमद की हत्या के मामले में भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई थी।
Disclaimer: यह खबर पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के अनुसार मामले में आगे बदलाव संभव है।