मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट मामले में भाजपा नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सपा नेता और मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने प्रभावित व्यापारियों के लिए बड़ी योजनाओं की बात की, लेकिन व्यापारियों को केवल घोषणाएं नहीं बल्कि अपने कारोबार की सुरक्षा चाहिए।
शैंकी वर्मा ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा बताया गया, जैसे सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की सभी समस्याओं का समाधान हो गया हो। उन्होंने सवाल किया कि अगर इतनी बड़ी पुनर्वास योजना पहले से तैयार थी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिन पहले हुए मेरठ दौरे के दौरान इसकी घोषणा क्यों नहीं की गई।
'व्यापारियों को वादे नहीं, कारोबार की सुरक्षा चाहिए'
शैंकी वर्मा ने कहा कि सेंट्रल मार्केट के प्रभावित व्यापारियों के सामने अभी सबसे बड़ा सवाल उनके कारोबार का है। उनके मुताबिक, व्यापारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए वादों के बजाय अपने कारोबार की सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था चाहिए।
बुधवार को भाजपा के सांसदों और विधायकों की बैठक के बाद प्रभावित दुकानदारों के लिए वैकल्पिक दुकानों और पुनर्वास की योजना की जानकारी सामने आई थी। इसके मुताबिक दुकान गंवाने वाले दुकानदारों को न्यूनतम किराये पर दुकानें देने और घर खोने वालों के लिए नए मकान उपलब्ध कराने की योजना है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›17 हजार निर्माणों की सूची पर भी सवाल
शैंकी वर्मा ने मेरठ में चिह्नित करीब 17 हजार अवैध निर्माणों की सूची सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि अधिकारी बिना सरकार और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दिए इतनी बड़ी सूची सुप्रीम कोर्ट में कैसे दाखिल कर आए। उन्होंने इस पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, यह शैंकी वर्मा का आरोप और सवाल है। सूची सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का हिस्सा रही है और उसके संबंध में अदालत में सरकारी विभागों की ओर से अलग-अलग रिपोर्ट और आंकड़े रखे गए हैं।
'प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई व्यापारी नेता नहीं'
शैंकी वर्मा ने भाजपा नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यापारियों के प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुद्दा सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के हित और उनके पुनर्वास से जुड़ा था, तब वहां कोई व्यापारी नेता नजर नहीं आया।
उन्होंने इसे भी सवाल का विषय बताया कि जिन व्यापारियों की दुकानें कार्रवाई में प्रभावित हुई हैं, उनकी ओर से किसी प्रतिनिधि की मौजूदगी के बिना उनके भविष्य को लेकर योजनाओं की घोषणा कैसे की जा रही है।
सेंट्रल मार्केट मामले में शैंकी वर्मा पहले भी व्यापारियों के पक्ष में बयान देते रहे हैं। 16 सितंबर को ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें व्यापारियों और प्रभावित परिवारों के बीच जाने से रोका गया।
कार्रवाई और पुनर्वास दोनों पर नजर
सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई शुरू हो चुकी है। 16 सितंबर को छह भवनों के अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए थे। इससे पहले 44 भवनों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब सरकार की ओर से प्रभावित दुकानदारों और घर खोने वाले परिवारों के पुनर्वास की योजना की बात कही गई है। दूसरी ओर, प्रभावित व्यापारियों की ओर से योजना के क्रियान्वयन और उनकी वास्तविक समस्याओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।