बिजनौर न्यूज़: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में किशोरों और बच्चों को बाल यौन शोषण से बचाने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) के निर्देशों के अनुपालन में, बिजनौर में आगामी 25 सितंबर से स्कूलों में एक विशेष कानूनी जागरूकता अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस अनूठे अभियान के तहत जिले के न्यायिक अधिकारी खुद स्कूलों में जाएंगे और सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) के दौरान छात्र-छात्राओं को 'पोक्सो अधिनियम, 2012' (POCSO Act) के प्रावधानों और इसके विधिक परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

प्रार्थना सभा में मिलेगी बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी इस महत्वपूर्ण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश (ईसी) लोकेश नागर ने की। न्यायाधीश लोकेश नागर ने बताया कि कार्यकारी अध्यक्ष, सालसा द्वारा यह निर्देशित किया गया है कि किशोरों में बाल संरक्षण से संबंधित विधिक ढांचे के प्रति जागरूकता पैदा की जाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले के न्यायिक अधिकारी तय कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न प्रतिभागी विद्यालयों का दौरा करेंगे। न्यायालय का समय शुरू होने से पूर्व, सुबह की प्रार्थना सभा में ही बच्चों को पोक्सो एक्ट के तहत उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के बारे में जागरूक किया जाएगा।

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कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों की मांगी गई सूची जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। विशेष न्यायाधीश लोकेश नागर ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देशित किया है कि वे जिले में संचालित कक्षा 9 से 12 तक के सभी सरकारी स्कूलों और अन्य बोर्ड के मान्यता प्राप्त विद्यालयों की तहसीलवार सूची तत्काल उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही, बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की सूची भी सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायाधीश ने जोर देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभागों के परस्पर समन्वय और सहयोग से ही इस जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

गांधी जयंती पर निकाली जाएगी प्रभात फेरी बैठक में मौजूद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाती चंद्रा ने अभियान के विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह जागरूकता अभियान 25 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक कार्य दिवस पर कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों में न्यायिक अधिकारी बच्चों से सीधा संवाद करेंगे, ताकि भविष्य में बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित न हो और वे अपने अधिकारों को लेकर सुरक्षित महसूस कर सकें।

अभियान का भव्य समापन 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर किया जाएगा। इस दिन बच्चों और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशाल प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में चित्रकला सहित विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित कराए जाएंगे। इस बैठक के दौरान प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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