बिजनौर न्यूज: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नवागत जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अपना पदभार ग्रहण करते ही एक्शन मोड में काम करना शुरू कर दिया है। बुधवार को कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की प्रथम स्तरीय जांच (फर्स्ट लेवल चेकिंग - एफएलसी) के कार्यों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एफएलसी स्थल पर की गई तमाम सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

चुनाव आयोग की एसओपी (SOP) का सख्ती से हो पालन निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ईवीएम और वीवीपैट की जांच का यह कार्य बेहद संवेदनशील है। इसलिए, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का हर हाल में अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती जाए। एफएलसी से जुड़े किसी भी कार्य में आयोग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रोटोकॉल और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद रहनी चाहिए।

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वेयरहाउस और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा जिलाधिकारी ने ईवीएम और वीवीपैट की जांच के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक चरणों के बारे में इंजीनियरों और अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। मशीनों के सुरक्षित रख-रखाव, जांच की बारीक प्रक्रिया और वहां तैनात सुरक्षा बलों के बारे में भी अपडेट लिया। इसके बाद, जिला निर्वाचन अधिकारी ने एफएलसी स्थल पर बनाए गए विभिन्न वेयरहाउस (गोदामों) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वेयरहाउस के भीतर और बाहर साफ-सफाई तथा मशीनों के व्यवस्थित रख-रखाव को सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि ईवीएम और वीवीपैट जैसी अति महत्वपूर्ण निर्वाचन सामग्री के भंडारण में किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही या चूक नहीं होनी चाहिए।

पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना है प्राथमिकता जिला निर्वाचन अधिकारी ने एफएलसी कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी, निष्ठा और सतर्कता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने एफएलसी स्थल पर कर्मचारियों की सुविधा के लिए स्थापित किए गए चिकित्सा शिविर का भी निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

डीएम उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसीलिए ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच से जुड़े सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। इस अहम निरीक्षण के दौरान मौके पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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