रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे चेहरा ढकने वाले कपड़ों पर रोक लगाने वाले नए decree को मंजूरी दे दी है। नियम के तहत स्कूल की गतिविधियों में ऐसा चेहरा ढकना प्रतिबंधित होगा, जिससे व्यक्ति की पहचान न हो सके। नियम तोड़ने पर €200 से €1,000 तक प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है। नाबालिग के मामले में जुर्माना उसके माता-पिता या अभिभावक पर लगाया जा सकता है।
यह फैसला केवल बुर्का-नकाब तक सीमित नहीं है। सरकार ने स्कूलों में विदेशी छात्रों के एकीकरण को लेकर भी नए नियम लागू किए हैं। कुछ कक्षाओं में ऐसे विदेशी छात्रों की संख्या 30% तक सीमित की जाएगी, जिनकी इतालवी भाषा और स्थानीय शिक्षा व्यवस्था से जुड़ाव को लेकर तय मानदंड पूरे नहीं होते।
बुर्का और नकाब पर क्या नया नियम है?
नए decree के अनुसार स्कूल की curricular और extracurricular activities के दौरान ऐसा कोई कपड़ा पहनने की अनुमति नहीं होगी, जिससे चेहरा पहचान में न आए। इसमें खास तौर पर burqa और niqab शामिल हैं।
स्वास्थ्य या सुरक्षा से जुड़ी कुछ विशेष परिस्थितियों में अपवाद रखा गया है। उल्लंघन पर €200 से €1,000 तक का जुर्माना हो सकता है। अगर नियम तोड़ने वाला बच्चा नाबालिग है तो जुर्माने की जिम्मेदारी उसके अभिभावक पर होगी।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›क्या हिजाब पर भी रोक लगी है?
नहीं। यहां बुर्का, नकाब और हिजाब के बीच अंतर समझना जरूरी है।
Hijab आम तौर पर सिर और बाल ढकता है, जबकि niqab चेहरे को भी ढकता है और आंखों के आसपास का हिस्सा खुला रहता है। Burqa में शरीर और चेहरा लगभग पूरी तरह ढका होता है।
20 सितंबर को मेलोनी ने अपनी घोषणा में hijab शब्द का भी इस्तेमाल किया था, लेकिन 24 सितंबर को कैबिनेट से मंजूर decree और उसके प्रकाशित विवरण में रोक चेहरा ढकने वाले परिधान यानी burqa और niqab पर बताई गई है। इसलिए इसे फिलहाल “स्कूलों में हिजाब पर बैन” कहना सही नहीं होगा।
विदेशी छात्रों के लिए क्या है 30% नियम?
सरकार ने कुछ स्कूल कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या को 30% तक सीमित करने का प्रावधान किया है। लेकिन यह नियम हर उस बच्चे पर समान रूप से लागू नहीं होगा जिसके पास इतालवी नागरिकता नहीं है।
प्राथमिक स्कूलों में यह सीमा उन पहली कक्षाओं के लिए है जहां ऐसे बच्चे हों जिनके पास इतालवी नागरिकता नहीं है और जो इटली में पैदा नहीं हुए हैं या जिन्होंने कम से कम दो साल की pre-school education पूरी नहीं की है।
मिडिल और हाई स्कूल की पहली कक्षाओं के लिए भी अलग शर्तें रखी गई हैं। इनमें उन विदेशी नागरिक छात्रों को शामिल किया गया है जिन्होंने कम से कम तीन साल तक इटली की national education system में सफलतापूर्वक पढ़ाई नहीं की है।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
मेलोनी सरकार इन नियमों को स्कूलों में integration और Italian language learning से जोड़ रही है। सरकार का कहना है कि जिन कक्षाओं में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हों जिन्हें इतालवी भाषा समझने में परेशानी होती है, वहां पढ़ाई और integration प्रभावित हो सकता है।
इटली के शिक्षा मंत्री Giuseppe Valditara ने बताया कि देश में करीब 34,000 स्कूल कक्षाएं ऐसी हैं जहां विदेशी छात्रों की संख्या 30% से अधिक है। सरकार का कहना है कि नए नियम का उद्देश्य भाषा सीखने और छात्रों के बेहतर integration में मदद करना है।
माता-पिता के लिए भी भाषा सीखने का नियम
नए decree में उन विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए भी प्रावधान है जिनके बच्चों को स्कूल में integration की गंभीर समस्या है। ऐसे मामलों में माता-पिता को Italian language course में शामिल होना पड़ सकता है।
ANSA के मुताबिक, अगर अभिभावक निर्धारित language course में शामिल नहीं होते हैं तो उन पर भी €200 से €1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सरकार के फैसले पर बहस क्यों?
नए नियमों ने इटली में स्कूल integration, धार्मिक स्वतंत्रता, पहचान और immigration policy को लेकर बहस शुरू कर दी है। सरकार इन्हें बेहतर integration और समान educational opportunities से जोड़ रही है।
दूसरी तरफ आलोचना करने वालों ने विदेशी छात्रों की सीमा और face-covering ban के प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। इसलिए यह मामला केवल school dress code का नहीं है, बल्कि immigration और integration policy से भी जुड़ा हुआ है।
क्या नियम तुरंत लागू हो गया?
कैबिनेट ने 24 सितंबर 2026 को decree को मंजूरी दी है। अब इसके कानूनी प्रभाव और आगे की संसदीय प्रक्रिया को ध्यान में रखना होगा। इसलिए खबर में इसे “कैबिनेट ने मंजूर किया” कहना ज्यादा सटीक है, बजाय इसके कि इसे पहले से स्थायी कानून बताया जाए।
निष्कर्ष: इटली के नए school decree में burqa और niqab पर रोक, €200–€1,000 तक जुर्माना और कुछ कक्षाओं में विदेशी छात्रों के लिए 30% सीमा शामिल है। सामान्य headscarf यानी hijab पर इस मंजूर decree के तहत रोक नहीं बताई गई है।
Sabse pehle comment karne wale banein.