उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए सरेराह हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। थाना कोतवाली शहर पुलिस ने दो वाहनों में सवार लोगों के बीच हुई दुस्साहसिक गोलीबारी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सरेबाजार हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
हीलर्स हॉस्पिटल से काली माता मंदिर रोड पर हुई थी वारदात पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 16 सितंबर की है। थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के अंतर्गत हीलर्स हॉस्पिटल से लेकर काली माता मंदिर रोड के बीच दो वाहनों में सवार गुटों के बीच जमकर फायरिंग हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
#BijnorPolice
थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा मु0अ0स0 755/2026 धारा 109(1) बी.एन.एस. व 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट से सम्बन्धित 02 अभियुक्त को अवैध शस्त्र सहित गिरफ्तार किया गया। #UPPolice pic.twitter.com/oy8VAMXFv4— BIJNOR POLICE (@bijnorpolice) September 24, 2026
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विवेचना में सामने आए दो नए नाम, तमंचा बरामद पुलिस की गहन विवेचना और जांच के दौरान इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए, जिनकी पहचान नूरपुर निवासी आशुतोष उर्फ छोटू और थाना धामपुर क्षेत्र निवासी अमजद के रूप में हुई। एसपी सिटी बिजनौर, कृष्ण गोपाल सिंह के निर्देशन में कोतवाली शहर पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने अमजद के कब्जे से एक 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। इस बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में आयुध अधिनियम (Arms Act) की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कैसे चली गोलियां पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी आशुतोष ने बताया कि 16 सितंबर को वह अपने साथियों के साथ एक एल्टो कार में जा रहा था। उसके पीछे एक स्कॉर्पियो और उसके ठीक पीछे एक सफेद रंग की ईको स्पोर्ट कार चल रही थी। आशुतोष का आरोप है कि ईको स्पोर्ट में सवार लोगों ने स्कॉर्पियो पर अचानक फायरिंग कर दी, जिसके बाद स्कॉर्पियो सवार लोगों ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी।
वहीं, दूसरे आरोपी अमजद ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो में सवार था। जैसे ही वे काली माता मंदिर के पास पहुंचे, सफेद रंग की ईको स्पोर्ट कार में सवार लोगों ने उनकी गाड़ी पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग कर दी। इसके जवाब में उन्होंने भी अपने तमंचों से गोलियां चलाईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस इस गैंगवार और फायरिंग में शामिल अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।