उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से शिक्षा और तालीम को लेकर एक बेहद सकारात्मक और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। जिले के हीमपुर बुजुर्ग इलाके में स्थित मकतब तजवीदुल कुरआन में बच्चों की छमाही परीक्षा (Half-Yearly Exams) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य उलेमाओं और धर्मगुरुओं ने मकतब पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने वाले इन मकतबों में इस तरह के आयोजनों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति एक नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिलता है।
प्रमुख उलेमाओं ने लिया तैयारियों का जायजा मकतब में आयोजित इस परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जमीयत उलमा कमालपुर के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद इमरान साहब, हीमपुर बुजुर्ग स्थित मोहम्मदी मस्जिद के इमाम व खतीब मुफ्ती मोहम्मद काशिफ साहब और मकसूदपुर के इमाम व खतीब मुफ्ती मोहम्मद कासिम कासमी साहब ने विशेष रूप से शिरकत की। इन सभी ने मकतब में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को परखा, उनके सिलेबस की समीक्षा की और मकतब के अंदर दी जा रही शिक्षण व्यवस्था की जमकर सराहना की।

बच्चों से सवाल पूछकर परखी शैक्षिक प्रगति परीक्षा के दौरान माहौल बेहद संजीदा और ज्ञानवर्धक रहा। उलेमाओं ने बच्चों से उनके पाठ्यक्रम और विभिन्न विषयों से संबंधित कई अहम सवाल पूछे। छोटे-छोटे बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ इन सवालों के सटीक जवाब दिए। उलेमाओं ने बच्चों की हाजिरजवाबी और उनकी शैक्षिक प्रगति (Educational Progress) को देखकर गहरी खुशी जाहिर की। उलेमाओं ने परीक्षा दे रहे बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह कड़ी मेहनत, अनुशासन और पूरी लगन के साथ तालीम हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

अनुशासन और तालीम की अहमियत पर जोर मौके पर मौजूद मुफ्ती साहिबान ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर तालीम ही एक उज्ज्वल भविष्य और एक अच्छे समाज की मजबूत नींव रखती है। उन्होंने बच्चों को अपने शिक्षकों और माता-पिता का सम्मान करने की नसीहत दी। मकतब के शिक्षकों ने भी इस अवसर पर उलेमाओं द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›ग्रामीण क्षेत्रों में मकतबों का अहम योगदान इस पूरे अवसर पर मकतब के शिक्षक, बच्चों के अभिभावक और स्थानीय समाज के अन्य कई जिम्मेदार लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गौरतलब है कि बिजनौर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी तालीम और नैतिक शिक्षा (Moral Education) को बढ़ावा देने में मकतब तजवीदुल कुरआन जैसी संस्थाओं का बहुत बड़ा और अहम योगदान है। यहां बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं दिया जाता, बल्कि उनके समग्र मानसिक विकास और चरित्र निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जाता है, ताकि वे बड़े होकर समाज के जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बन सकें।