मेरठ न्यूज: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से बैंकिंग सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के मंगलपांडेनगर इलाके में स्थित एक्सिस बैंक की एक प्रमुख करेंसी चेस्ट में रूटीन चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में नकली नोट बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए इस निरीक्षण के दौरान कुल 4 लाख 63 हजार 650 रुपये की जाली करेंसी पकड़ी गई है। इतनी बड़ी रकम के नकली नोट मिलने के खुलासे के बाद बैंक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया है।
अधिकारियों के औचक निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा करेंसी चेस्ट के वर्तमान प्रबंधक सरताज सिंह, जो मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के सेक्टर-16 के रहने वाले हैं, ने इस गंभीर मामले में सिविल लाइंस थाने में आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि बुधवार को बैंक के उच्चाधिकारियों की एक विशेष टीम ने करेंसी चेस्ट का औचक निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने इस दौरान 1 दिसंबर 2024 से लेकर 31 दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक शाखाओं से चेस्ट में जमा की गई करोड़ों रुपये की नकदी की गहनता से जांच की। नोटों की मशीन द्वारा गिनती और कड़ी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि लाखों रुपये के नोट पूरी तरह से नकली हैं।
सभी मूल्यवर्ग के जाली नोट पकड़े गए पकड़े गए जाली नोटों का विवरण देते हुए बताया गया है कि जालसाजों ने हर तरह के नोटों की छपाई की है। पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें 500 रुपये के 805 नोट, 200 रुपये के 142 नोट, 100 रुपये के 279 नोट, 50 रुपये के 97 नोट और 20 तथा 10 रुपये के कुल 1323 नोट शामिल हैं। इतनी बड़ी तादाद में और सभी मूल्यवर्ग के जाली नोटों का सीधा करेंसी चेस्ट तक पहुंच जाना बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
186 शाखाओं से जुड़ा है करेंसी चेस्ट का लेन-देन बैंक प्रबंधन की त्वरित सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की सघन तफ्तीश शुरू कर दी है। मंगलपांडेनगर में स्थित एक्सिस बैंक की इस महत्वपूर्ण करेंसी चेस्ट से शहर और आसपास की लगभग 186 अलग-अलग बैंकों की शाखाएं जुड़ी हुई हैं। इन सभी शाखाओं का अतिरिक्त कैश सुरक्षित रखने के लिए इसी चेस्ट में जमा कराया जाता है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›ऐसे में अब पुलिस और बैंक अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाने की है कि निर्धारित समयावधि में किन-किन बैंक शाखाओं से यह नकली नकदी यहां तक पहुंची थी। इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस पिछले पूरे एक साल के सभी वित्तीय रिकॉर्ड, नकदी लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज और रजिस्टरों को खंगाल रही है। पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि इसके पीछे जाली नोटों की छपाई करने वाले किसी बड़े संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है, जो सुनियोजित तरीके से बैंकों के माध्यम से नकली करेंसी को असली बताकर बाजार में खपाने की साजिश रच रहा है।