मेरठ न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को खरखौदा ब्लॉक के बदनौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक सघन 'स्कूल सुरक्षा ऑडिट' (School Safety Audit) किया गया। ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत विद्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन हुआ, जिसमें विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से बचाव के अहम गुर सिखाए गए।

सर्पदंश और आकाशीय बिजली से बचाव पर जोर आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सत्र के दौरान आपदा विषय विशेषज्ञ मुकंद वल्लभ शर्मा ने बच्चों को आकाशीय बिजली गिरने, भूकंप आने और सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों से निपटने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़, तालाब, बिजली व टेलीफोन के खंभों और तारों से हमेशा दूर रहना चाहिए। साथ ही, उस वक्त हाथ में लोहे या किसी अन्य धातु की वस्तु नहीं होनी चाहिए।

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सर्पदंश (सांप काटने) की स्थिति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अक्सर लोग जानकारी के अभाव में झाड़-फूंक या सपेरों के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। सांप काटने पर पीड़ित को बिना समय गंवाए तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए और काटे गए स्थान को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके अलावा शीतलहर, लू, सड़क सुरक्षा, नाव दुर्घटना और बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव के तरीके भी विस्तार से बताए गए।

यूपी सरकार के निर्देश पर हो रहा सघन ऑडिट गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार के कड़े निर्देशों के अनुपालन में 'टाइम्स प्रो लखनऊ' (Times Pro Lucknow) की विशेष टीम द्वारा प्रदेश के अधिकांश सरकारी और अर्धसरकारी विद्यालयों (इंटर कॉलेज, उच्च माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय) का स्कूल सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जोनल कोऑर्डिनेटर देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में यह अभियान चल रहा है।

मेरठ जिले में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर (DC) नरेंद्र कुमार और आईटी विशेषज्ञ शिवम के सहयोग से इस प्रक्रिया को प्रभावशाली ढंग से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में बदनौली स्कूल का ऑडिट आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा, सिविल इंजीनियर अभिषेक त्यागी और फायर विशेषज्ञ विवेक कुमार की संयुक्त टीम द्वारा किया गया, जहां आग बुझाने वाले अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

बुनियादी सुविधाओं का हुआ बारीकी से मूल्यांकन स्कूल सुरक्षा ऑडिट के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र त्यागी की उपस्थिति में टीम ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया। इस दौरान स्कूल की रसोई, शौचालय, पेयजल की स्वच्छता, दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाएं, कक्षाओं की स्थिति, स्टाफ रूम, गतिविधि कक्ष, मुख्य गेट, खिड़कियां, टीवी और इमरजेंसी लाइट आदि का बेहद बारीकी से मूल्यांकन किया गया।

ऑडिट के दौरान जिन सुविधाओं की कमी पाई गई या जिनकी आवश्यकता महसूस की गई, उसकी विस्तृत रिपोर्ट संकलित कर उत्तर प्रदेश शासन को ऑनलाइन प्रेषित कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश चंद त्यागी (इंचार्ज अध्यापक), हरीश पाल आर्य, राजकुमार सिंह, सीमा शर्मा, शालिनी यादव, पूनम लता, निर्मल, शिक्षामित्र संगीता और स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।

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