मेरठ न्यूज़: मेरठ कैंट स्थित सैन्य क्षेत्र अब पूरी तरह से एलपीजी (LPG) मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को सेना और गेल गैस लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत परमेश्वरन एन्क्लेव और न्यू शिवाजी लाइंस में नवनिर्मित आर्मी आवासों में 1,750 नए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी/PNG) कनेक्शन लगाए जाएंगे।
पहले से 7,200 आवासों में हो रही पीएनजी की आपूर्ति गेल गैस लिमिटेड की ओर से मेरठ सैन्य क्षेत्र में पहले से ही करीब 7,200 सरकारी आवासों और क्वार्टरों में पीएनजी की आपूर्ति सफलतापूर्वक की जा रही है। चूंकि सैन्य क्षेत्र में भूमिगत गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहले से मौजूद है, इसलिए इन 1,750 नए आवासों में पीएनजी कनेक्शन लगाकर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति जल्द शुरू कर दी जाएगी। इससे जवानों और उनके परिवारों को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
265 कैंटीन और मेस भी जुड़ेंगे पीएनजी नेटवर्क से गेल गैस लिमिटेड मेरठ के महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि पीएनजी विस्तार के अगले चरण में आर्मी क्षेत्र में संचालित करीब 265 कैंटीनों और मेसों में भी पीएनजी कनेक्शन लगाए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही सेना के साथ एक और अनुबंध किया जाएगा। अनुबंध होने के तीन महीने के भीतर इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
इन सभी प्रतिष्ठानों में पीएनजी आपूर्ति शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 20 हजार लोगों का भोजन तैयार करने के लिए आवश्यक ईंधन की पूर्ति पीएनजी से ही होगी। गेल गैस के अधिकारियों के मुताबिक, इन कैंटीनों और मेसों में गैस की खपत लगभग 5,000 घरों की कुल ईंधन खपत के बराबर है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›हर साल होगी 70 लाख रुपये की बड़ी बचत पीएनजी कनेक्शन के इस्तेमाल से सैन्य क्षेत्र में आर्थिक रूप से भी बड़ा फायदा होगा। गेल गैस लिमिटेड के अनुसार, आर्मी क्षेत्र में पीएनजी शुरू होने से वर्तमान में एलपीजी पर होने वाले भारी खर्च में प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, जो एलपीजी सिलिंडर यहां से बचेंगे, उनका उपयोग भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जहां अभी तक भूमिगत गैस पाइपलाइन का नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है।