बिजनौर के कोतवाली देहात क्षेत्र के बनखला गांव की मस्जिद से जुड़े विवाद को लेकर गुरुवार को AIMIM कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट का हवाला देते हुए उससे जुड़े लोगों की पहचान कर जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।
मामला बनखला गांव स्थित मस्जिद परिसर में कुएं को लेकर किए गए दावे से जुड़ा है। पिछले दिनों इस मामले में हिंदू रक्षा दल की ओर से शिकायत किए जाने के बाद पुलिस-प्रशासन ने जांच शुरू की थी। 22 सितंबर को पुलिस-प्रशासन ने हिंदू रक्षा दल के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ का घोषित कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।
AIMIM ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की मांग की
AIMIM के जिला अध्यक्ष मुफ्ती रियाज मेहंदी के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया गया, जिसमें हिंदू रक्षा दल के बिजनौर पहुंचने और कथित अवैध मस्जिदों को गिराने की बात कही गई थी।
AIMIM नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पोस्ट की सत्यता और उसके स्रोत की जांच कर संबंधित लोगों की पहचान की जाए। पार्टी का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री से स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›ज्ञापन में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी मांग की गई। AIMIM ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल की जमीन या निर्माण को लेकर विवाद होने की स्थिति में उसका निपटारा जांच और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
विवाद के बीच पुलिस-प्रशासन की निगरानी
बनखला मामले में पिछले दिनों पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस-प्रशासन ने 22 सितंबर को हिंदू रक्षा दल के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी और जांच का आश्वासन दिया था। इसके बाद घोषित हनुमान चालीसा कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था।
24 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, मस्जिद परिसर में विवादित बताए जा रहे निर्माण को ग्रामीणों या मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों द्वारा स्वयं हटाए जाने की बात सामने आई है। इस कदम का उद्देश्य खुदाई के जरिए कुएं संबंधी दावे की स्थिति स्पष्ट करना बताया गया है। हालांकि, कुएं के धार्मिक स्वरूप और उससे जुड़े अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
AIMIM के पश्चिमी उत्तर प्रदेश सचिव नजाकत अली कंभोर ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। जिला अध्यक्ष मुफ्ती रियाज मेहंदी ने भी कथित भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री पर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।