राहुल गांधी चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवाद पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने फरवरी 2025 में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति का विरोध किया था और चयन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।

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BJP बोली- “राहुल गांधी का राजनीतिक ज्ञान शून्य है”

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया से बात की। उन्होंने राहुल गांधी के 50 साल से राजनीति समझने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी उम्र 56 साल है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “बंगाल में 1977 के बाद से कांग्रेस की सरकार नहीं आई है और बिहार में 1990 के बाद से कांग्रेस की सरकार नहीं आई है। राहुल गांधी को इसकी जानकारी ही नहीं है।”

उन्होंने कहा कि जब से पारदर्शी चुनाव हुए, CCTV कैमरे आए और स्वतंत्र मीडिया आया, तब से कांग्रेस को सत्ता में आने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक ज्ञान को “शून्य” बताया।

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🔴 06:12 PM 24 Sep 2026

सवाल- सलाह नहीं मानी तो सड़कों पर उतरेंगे? राहुल बोले- “वोट, कानून, संस्था और संविधान की चेन टूट गई”

न्यूज एजेंसी ANI ने राहुल गांधी से पूछा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनकी सलाह नहीं मानी तो क्या कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। राहुल ने कहा कि देश में ऐसे हालात पहले कभी नहीं आए। राहुल ने कहा, “वोट, कानून, संस्था और संविधान की चेन टूट गई है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपनी ही जांच नहीं करेंगे। राहुल के मुताबिक, पहले सिस्टम की रिपेयरिंग होगी और उसके बाद जांच होगी। उन्होंने कहा, “सबको पता है कि सिस्टम डैमेज हो चुका है।”
🔴 06:11 PM 24 Sep 2026

सवाल- जेन-जी वोटरों के नाम SIR में शामिल नहीं हो पा रहे? राहुल बोले- “उन्हें पता है कि जेन-जी उन्हें वोट नहीं देना चाहते”

राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग को पता है कि जेन-जी के लोग उन्हें वोट नहीं देना चाहते। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट पर नियंत्रण खत्म हो गया है और उसकी विश्वसनीयता भी खत्म हो गई है। राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग के लोग अंदर ही अंदर इस बात को मान भी रहे हैं। उन्होंने SIR के दौरान जेन-जी वोटरों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाने को लेकर यह टिप्पणी की।
🔴 06:11 PM 24 Sep 2026

सवाल- क्या कांग्रेस पूछेगी वोटर लिस्ट को कौन एडिट कर सकता है? राहुल बोले- “चेन ही टूट गई है”

राहुल गांधी ने कहा कि वोटर लिस्ट में बदलाव कई स्तरों पर किया जा सकता है और कई लोग यह काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की ओर से दी जा रही बातों को नहीं मानेगी, क्योंकि “चेन ही टूट गई है।” राहुल ने कहा, “अगर वो चेन नहीं टूटती, वोटों की रक्षा होती, संस्था ठीक होती तो हम उन पर भरोसा करते।”
🔴 06:09 PM 24 Sep 2026

हिंदुस्तान टाइम्स ने पूछा- “आपको वोट चोरी के बारे में कब पता चला?”; राहुल बोले- “धीरे-धीरे शक बढ़ने लगा”

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें चुनाव में कथित वोट चोरी का शक धीरे-धीरे बढ़ा। उन्होंने 1977 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह 7 साल के थे और इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। राहुल के मुताबिक, तब हर कोई जानता था कि इंदिरा गांधी चुनाव हार सकती हैं और उन्हें खुद भी इसका अंदाजा था। राहुल ने कहा, “आप एक बार गलत हो सकते हो, दो बार गलत हो सकते हो, लेकिन बार-बार नहीं।” उन्होंने बताया कि दो-तीन चुनावों में जब वे तकनीकी तौर पर चीजों को देख रहे थे, तो उन्हें लगा कि ऐसा नहीं हो सकता। इसके बाद धीरे-धीरे शक बढ़ने लगा और उन्होंने इस पर काम करना शुरू किया।
🔴 06:08 PM 24 Sep 2026

इंडियन एक्सप्रेस का सवाल- “विपक्ष आगे क्या करेगा?”; राहुल बोले- “जानकारी बाहर आएगी”

राहुल गांधी ने कहा कि देश पहले कभी ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचा था। उन्होंने कहा कि अगर लोग मानते हैं कि देश में एकता है, तो यह सभी का धर्म है। राहुल ने दावा किया कि वोट चोरी से जुड़ी जानकारी सिर्फ उनके पास नहीं है, बल्कि बहुत से लोगों के पास है और वह जल्द बाहर आएगी। उन्होंने कहा, “हम शुरू से कह रहे हैं कि तीन साल से वोट चोरी हो रही है। चुनाव निष्पक्ष नहीं हो रहे हैं।” राहुल ने आगे दावा किया कि कांग्रेस पहले से यह बात कहती रही है और अब चुनाव आयोग भी इसे कह रहा है। उन्होंने कहा, “एक तरीके से इसे स्वीकार कर लिया गया है।”
🔴 06:07 PM 24 Sep 2026

राहुल गांधी ने 2023 के चुनाव आयुक्त कानून के 2 प्रावधानों पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के दो प्रावधानों पर सवाल उठाए। इस कानून के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उन्हें मिली कानूनी सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। 1. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर कानून के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश होती है। समिति में प्रधानमंत्री अध्यक्ष, लोकसभा में विपक्ष के नेता सदस्य और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री सदस्य होते हैं। यानी तीन सदस्यीय समिति में दो सदस्य केंद्र सरकार की ओर से नामित होते हैं। 2. चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा पर कानून की धारा 16 मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों से जुड़े मामलों में कानूनी संरक्षण देती है। यह प्रावधान आधिकारिक कर्तव्य के दौरान किए गए कार्य, कार्रवाई या दिए गए बयान से संबंधित मामलों पर लागू होता है। इसका दायरा आधिकारिक काम से जुड़े मामलों तक है; इसे हर तरह के अपराध या हर परिस्थिति में गिरफ्तारी से पूर्ण छूट के रूप में नहीं पढ़ा जा सकता।
🔴 06:03 PM 24 Sep 2026

राहुल बोले- “ज्ञानेश कुमार को मोदी-शाह बचाते हैं, तुरंत इस्तीफा देना चाहिए”

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नियुक्त किया और उनके खिलाफ लिखे गए उनके पत्र पर कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हुई, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह उन्हें बचाते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके कई सबूत हैं। राहुल ने कहा कि भारत ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां वह पहले कभी नहीं था। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से कहा, “आप बहुत पढ़े-लिखे हैं। समझिए कि क्या हो रहा है। आपने जो किया है, वह भारत के खिलाफ है। आपको वोटों की रक्षा करनी चाहिए थी।” राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अंजाम भुगतने पड़ेंगे और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें आज या कल सजा जरूर मिलेगी।
🔴 06:02 PM 24 Sep 2026

राहुल बोले- “हमारे कानून भी गैरकानूनी हो गए, वोट खत्म तो संविधान काम नहीं कर रहा”

राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ वोट पर हमला नहीं है, बल्कि उस बुनियादी ढांचे पर हमला है, जो लोगों को अपना नेता चुनने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि वोटों की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। राहुल ने कहा, “अगर वोट खत्म हो गया, तो संविधान काम नहीं कर रहा है।”
🔴 06:02 PM 24 Sep 2026

राहुल बोले- “ज्ञानेश वोटिंग सिस्टम को डैमेज करने के जिम्मेदार, 6 महीने में सब साफ हो जाएगा”

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने चुना था। उन्होंने दावा किया कि अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार वोटिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं। राहुल ने कहा, “वोट चोरी से कानून चोरी होती है। वोट गया मतलब लॉ मेकिंग सिस्टम गया।” उन्होंने कहा कि अगर वोट चुराया गया है और सांसद संसद में बैठे हैं, तो वे जो भी कानून बनाएंगे, वह गलत होगा और उनके बनाए सभी कानून गैरकानूनी होंगे। राहुल गांधी ने दावा किया कि “मुझे कोई शक नहीं है कि 6 महीने के अंदर आपके सामने ये ब्लैक एंड व्हाइट होगा।”
🔴 06:01 PM 24 Sep 2026

राहुल गांधी बोले- “वोट को खत्म किया गया, यानी संविधान को खत्म किया गया”

राहुल गांधी ने कहा कि यह हम सबके लिए एक सवाल है। उन्होंने कहा कि कोई आदमी लोकप्रिय हो सकता है, लेकिन यह समझ नहीं आता कि भाजपा के समय एंटी इनकंबेंसी क्यों गायब हो जाती है। एंटी इनकंबेंसी हर जगह होती है। राहुल ने कहा कि वे इन सवालों के जवाब तलाश रहे थे और अब उन्हें जवाब मिल गया है। उन्होंने कहा, “वोट देश की नींव है। वोट की रक्षा चुनाव आयोग करता है और इसी से संविधान को शक्ति मिलती है। इससे हमारे कानून बनते हैं और कानून से हमारी संस्थाएं विकसित होती हैं। वोट को खत्म किया गया, यानी संविधान को खत्म किया गया।”
🔴 06:00 PM 24 Sep 2026

राहुल बोले- “सभी पार्टियों के साथ एंटी इनकंबेंसी हुई, लेकिन मोदी के साथ कभी नहीं”

राहुल ने कहा कि भारत में एक ऐसी फंडामेंटल फोर्स है, जिसके चलते कोई नेता इस तरह का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतीं, लेकिन अचानक एक साल के भीतर उनके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी आ गई। ऐसा एक के बाद एक कई नेताओं के साथ होता रहा। लेकिन मोदी, शाह या बीजेपी के नेताओं के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सवाल है। राहुल ने कहा कि वह समझ सकते हैं कि कोई व्यक्ति लोकप्रिय हो सकता है।
🔴 05:51 PM 24 Sep 2026

रिपोर्ट में दावा- चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां CEC ज्ञानेश कुमार को भेजीं

इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इन आपत्तियों में वोटर लिस्ट, Form-6, नए मतदाताओं और वोटर डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं। यह मामला जून 2025 में बिहार से शुरू हुए SIR के दौरान सामने आया।