मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इमरान कॉलोनी में छापा मारकर बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक कामोत्तेजक दवाइयां बनाने और बेचने के आरोप में दो शातिर लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में दवाइयां, पैकेजिंग सामग्री, फर्जी लेबल और अन्य आपत्तिजनक उत्पाद बरामद किए हैं। शुक्रवार दोपहर 2 बजे पुलिस ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अवैध कारोबार काफी समय से चलाया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद फुरकान (निवासी रामपुरी लद्धावाला, हाल निवासी इमरान कॉलोनी) और शाहिद (निवासी गाजियाबाद, हाल निवासी इमरान कॉलोनी) के रूप में हुई है। सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 24 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे इमरान कॉलोनी में पुराने निजामुद्दीन अस्पताल वाली गली से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

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घर में ही तैयार करते थे फर्जी आयुर्वेदिक दवाइयां पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने और बेचने के लिए कोई मेडिकल डिग्री या लाइसेंस नहीं है। वे बाजार से सस्ते दामों पर कच्चा माल खरीदकर लाते थे और घर पर ही अवैध रूप से दवाइयां और माजून तैयार करते थे। इन तैयार उत्पादों को डिब्बियों में पैक कर उन पर 'आरएमडी हर्बल' (RMD Herbal) जैसी बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी के फर्जी लेबल लगा दिए जाते थे। इसके बाद इन नकली दवाओं को असली और असरदार बताकर ग्राहकों से मोटी रकम वसूली जाती थी।

माजून, कंडोम और आपत्तिजनक सामग्री का जखीरा बरामद पुलिस ने जब इमरान कॉलोनी स्थित घर में तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में अवैध सामग्री और उत्पाद मिले। पुलिस ने 50 माजून की डिब्बियां, आरएमडी हर्बल कंपनी के नाम वाले 12 बंडल रैपर टेप, 270 शीशियां, अलग-अलग रंग और पैकिंग में गोलियों की डिब्बियां और 13 दवा किट बरामद किए। इसके अलावा, मौके से 1525 सिलिकन कंडोम, 1820 ड्रैगन कंडोम और 473 डिल्डो बेल्ट समेत कई अन्य आपत्तिजनक उत्पाद भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें अवैध तरीके से सप्लाई किया जाना था।

यूट्यूब और वॉट्सऐप के जरिए चलाते थे पूरा नेटवर्क पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी अपने इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों से संचालित कर रहे थे। वे यूट्यूब और वॉट्सऐप के जरिए अपने फर्जी उत्पादों का जमकर प्रचार-प्रसार करते थे। ग्राहक वॉट्सऐप पर ही ऑर्डर देते थे, जिसके बाद उन्हें सामान कोरियर के जरिए भेजा जाता था। पुलिस ने ऑनलाइन गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे एक लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

डिजिटल उपकरणों से खंगाला जा रहा नेटवर्क पुलिस अब बरामद किए गए डिजिटल उपकरणों (लैपटॉप और कंप्यूटर) की बारीकी से फोरेंसिक जांच कर रही है। इसके जरिए ऑनलाइन ग्राहकों, ऑर्डर की डिटेल्स और इस कथित बिक्री नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो इन आरोपियों को कच्चा माल उपलब्ध कराते थे और जो थोक में तैयार उत्पाद खरीदते थे।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। सिविल लाइन पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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