लखनऊ (Weather Desk): उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक एक भयानक और विनाशकारी करवट ली है। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से उठा शक्तिशाली चक्रवात 'अर्नब' (Cyclone Arnab) अब यूपी के कई हिस्सों में कहर बरपा रहा है। पूरे प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। बारिश के साथ-साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।

राजधानी लखनऊ (Lucknow) की बात करें तो यहां पिछले 30 घंटों से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिसके चलते सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और ट्रैफिक व्यवस्था रेंग रही है। मौसम की इस भयावह स्थिति को देखते हुए और बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को यूपी के 31 जिलों में सभी स्कूल बंद (Schools Closed) रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने 52 जिलों में रेड अलर्ट और 32 जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

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सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रदेशवासियों से मार्मिक अपील और अधिकारियों को सख्त निर्देश

इस संकट की घड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एक मार्मिक अपील करते हुए कहा, "तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान बेवजह घर से बाहर न निकलें। अपना और अपनों का ख्याल रखें। सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आपके साथ खड़ी है।"

सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए ये 5 बड़े निर्देश:

  1. स्कूल रहेंगे बंद: रेड अलर्ट और फ्लैश फ्लड की आशंका वाले सभी प्रभावित जिलों में स्कूलों को अनिवार्य रूप से बंद रखा जाए।

  2. फील्ड में उतरें डीएम: सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) खुद फील्ड में उतरकर राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालें और लगातार निगरानी करें।

  3. जर्जर मकानों पर ध्यान: जर्जर मकानों और कच्ची झोपड़ियों में रह रहे लोगों को तुरंत वहां से निकालकर नजदीकी राहत शिविरों (Relief Camps) में सुरक्षित पहुंचाया जाए।

  4. नदियों की निगरानी: नदियों के बढ़ते जलस्तर और जलभराव वाले इलाकों पर लगातार नजर रखी जाए।

  5. 24 घंटे में मुआवजा: आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि (Heavy Rain) से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर आर्थिक मदद और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

कल (शनिवार) 31 जिलों में बंद रहेंगे स्कूल: देखें पूरी लिस्ट

भारी बारिश, तेज हवाओं और सड़कों पर जलभराव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

  • 11 जिलों में कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे।

  • 20 जिलों में कक्षा 12वीं तक के सभी (सरकारी और प्राइवेट) स्कूल बंद रहेंगे।

इन प्रमुख जिलों में लखनऊ, गोरखपुर, शाहजहांपुर, अमेठी, चित्रकूट, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, बहराइच और बस्ती सहित कई अन्य जिले शामिल हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रखें।

खतरे की घंटी: 32 जिलों में फ्लैश फ्लड (Flash Flood) की चेतावनी

राहत आयुक्त (Relief Commissioner) कार्यालय ने प्रदेश के 32 जिलों में 'अचानक बाढ़' (Flash Flood) आने का अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों, बांधों और जलाशयों के किनारों से दूर रहें।

इन 32 जिलों पर मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा: आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट।

विशेष रूप से तराई (नेपाल और हिमालय से सटे इलाके) और मध्य यूपी के जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा सबसे अधिक है।

हादसे और तबाही: ललितपुर में टैंकर बहा, अमेठी में फसलें तबाह

बारिश का यह रौद्र रूप कई जिलों में तबाही लेकर आया है:

  • ललितपुर में खौफनाक मंजर: यहां लगातार हो रही बारिश के कारण जामनी नदी पूरे उफान पर है। कुझान घाट के पास बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिसमें एक भारी-भरकम पेट्रोल टैंकर फंस गया और बहकर नदी के किनारे लटक गया। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और कड़ी मशक्कत के बाद टैंकर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

  • अमेठी में पुलिस का अनाउंसमेंट: अमेठी जिले में जलभराव इतना भयंकर है कि पुलिस को जगह-जगह माइक से अनाउंसमेंट (Announcement) कर लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की चेतावनी देनी पड़ रही है।

  • किसानों को भारी नुकसान: ग्रामीण इलाकों में 50 किमी की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के कारण धान और गन्ने की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। खेतों में लबालब पानी भर जाने से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 71.6 मिमी बारिश बलरामपुर में दर्ज की गई है।

मौसम विभाग (IMD) का रेड अलर्ट: 27 सितंबर तक नहीं मिलेगी राहत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' 27 सितंबर तक उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के मौसम को बुरी तरह प्रभावित करेगा।

  • 52 जिलों में रेड अलर्ट: मौसम विभाग ने शनिवार (26 सितंबर) को प्रदेश के 75 में से 52 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है। इनमें प्रयागराज, बांदा, कौशांबी, चित्रकूट, फतेहपुर, सोनभद्र, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर, झांसी और पीलीभीत जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।

  • बिजली गिरने का खतरा: इन जिलों में बारिश के साथ-साथ तेज गरज और भयंकर आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की भी पूरी संभावना है।

ठंड की दस्तक: वाराणसी के जाने-माने मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि, "मानसून अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगले 4 दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे मौसम में अचानक ठंडक बढ़ जाएगी और लोगों को गर्मी-उमस से पूरी तरह राहत मिल जाएगी।" मुरादाबाद में भी ठंडी हवाओं के चलते मौसम काफी सर्द हो गया है।

विमान सेवाएं प्रभावित: इंडिगो की उड़ानें डायवर्ट और रद्द

खराब मौसम और लो-विजिबिलिटी (Low Visibility) का सीधा असर हवाई उड़ानों पर भी पड़ा है। गुरुवार रात से ही उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ा हुआ है:

  • बेंगलुरु से रांची जा रही इंडिगो की उड़ान (6E221) को खराब मौसम के कारण डायवर्ट कर लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा गया। यात्रियों को रात भर होटल में रुकवाना पड़ा।

  • इसी तरह, दिल्ली से रांची जा रही एक अन्य फ्लाइट (6E5023) को भी लखनऊ डायवर्ट किया गया। मौसम ठीक न होने पर इसे यात्रियों समेत वापस दिल्ली भेज दिया गया।

  • इसके अलावा, लखनऊ से रांची जाने वाली उड़ान (6E221) को पूरी तरह रद्द (Cancel) करना पड़ा।

आम जनता के लिए एडवाइजरी (Public Advisory)

प्रशासन और मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

  • यदि बहुत जरूरी न हो, तो यात्रा करने से बचें।

  • खुले स्थानों, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।

  • नदियों और नहरों में स्नान करने या नाव चलाने से परहेज करें।

  • अपने मोबाइल फोन चार्ज रखें और टॉर्च जैसी आपातकालीन वस्तुएं अपने पास रखें।

चक्रवात 'अर्नब' ने यूपी में बारिश का जो तांडव मचाया है, उसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अब सभी की निगाहें मौसम के आगे के रुख और राहत कार्यों की गति पर टिकी हैं। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।

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