अमरोहा (Crime Desk): उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जैसे सुरक्षा बलों के जिन जवानों पर आम जनता और महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, जब वही 'रक्षक' 'भक्षक' बन जाएं, तो पूरा सिस्टम शर्मसार हो जाता है। ऐसा ही एक बेहद खौफनाक और शर्मनाक मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा (Amroha) जिले से सामने आया है, जिसने खाकी वर्दी को दागदार कर दिया है।

अमरोहा के हसनपुर थाना क्षेत्र में स्थित उत्तराखंड के एक विधायक के फार्म हाउस पर 22 वर्षीय एक युवती (हरियाणा निवासी) के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की घटना हुई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि यूपी पुलिस और सीआरपीएफ के जवान ही हैं। शनिवार को अमरोहा के पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए एक दरोगा, एक सिपाही और सीआरपीएफ के दो जवानों समेत कुल 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (Suspend) कर दिया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर बिजनौर जेल भेज दिया गया है।

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कौन हैं 4 वर्दीधारी आरोपी?

इस सनसनीखेज गैंगरेप मामले में गिरफ्तार किए गए 4 आरोपी सुरक्षा बलों से जुड़े हैं:

  1. संजय तोमर: दरोगा (Sub-Inspector), हसनपुर कोतवाली, यूपी पुलिस। (हैरानी की बात यह है कि ये 1986 बैच के थे और महज 5 महीने बाद रिटायर होने वाले थे)।

  2. प्रमोद मलिक: सिपाही (Constable), यूपी पुलिस। (मुजफ्फरनगर निवासी)।

  3. लालाराम यादव: इंस्पेक्टर, CRPF। (राजस्थान के अलवर जिले का निवासी)।

  4. मोहित: हेड कॉन्स्टेबल, CRPF।

कैसे रची गई साजिश? सोनीपत से लेकर अमरोहा तक का खौफनाक सफर

एफआईआर (FIR) में दर्ज पीड़िता के बयानों के अनुसार, वह मूल रूप से हरियाणा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली है। इस पूरी वारदात की साजिश 20 सितंबर को रची गई।

  • सोनीपत में मुलाकात: 20 सितंबर को युवती की अपनी एक सहेली से बात हुई थी। इसके बाद उसने आरोपी CRPF हेड कॉन्स्टेबल मोहित से मिलने के लिए उसे हरियाणा के सोनीपत (Sonipat) बुलाया। 21 सितंबर की दोपहर करीब 1 बजे जब युवती सोनीपत पहुंची, तो वहां उसकी मुलाकात मोहित से हुई।

  • मेरठ में रुकी थी युवती: मोहित उसे अपनी ब्रेजा कार में बिठाकर मेरठ ले गया। रास्ते में मोहित ने अपने साथी CRPF इंस्पेक्टर लालाराम यादव को भी कार में बैठा लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि अमरोहा जाने से पहले ये लोग मेरठ के एक होटल में ठहरे थे।

  • विधायक के फार्म हाउस पर एंट्री: मंगलवार, 22 सितंबर को मोहित और लालाराम युवती को लेकर अमरोहा के हसनपुर पहुंचे। यहां थाने के गेट पर उनकी मुलाकात दरोगा संजय तोमर से हुई। इसके बाद ये सभी झुलपुरी गांव के पास स्थित "डी डी ब्रदर्स फार्महाउस" (D.D. Brothers Farmhouse) पहुंचे। यह फार्म हाउस उत्तराखंड की खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा (MLA Umesh Sharma) का बताया जा रहा है।

कमरे में शराब पार्टी और फिर गैंगरेप की दरिंदगी

फार्म हाउस में पहुंचने के बाद आरोपियों ने दो कमरे बुक किए। एक कमरे में तीनों आरोपी (मोहित, संजय तोमर, लालाराम) रुके। कुछ देर बाद हसनपुर थाने का सिपाही प्रमोद मलिक वहां खाना और शराब लेकर पहुंचा। चारों पुलिसवालों ने जमकर शराब पार्टी की, जबकि युवती को दूसरे कमरे में अकेले खाना खाने के लिए बैठा दिया गया।

युवती का आरोप है कि रात के समय मोहित, लालाराम और दरोगा संजय तोमर जबरन उसके कमरे में घुस आए। नशे में धुत इन तीनों वर्दीधारियों ने उसके साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया। जब ये तीनों दरिंदगी कर कमरे से बाहर निकले, तो चौथा आरोपी (सिपाही प्रमोद) अंदर आ गया। हालांकि, युवती ने हिम्मत दिखाते हुए उसे धक्का दिया और अंदर से कमरे की कुंडी बंद कर ली, जिससे वह बच गई।

गूगल (Google) ने बचाई जान: ऐसे पहुंची अमरोहा पुलिस

कमरे में खुद को सुरक्षित करने के बाद बदहवास और डरी हुई युवती ने समझदारी दिखाई। उसने अपने मोबाइल पर गूगल (Google) खोला और उसमें 'अमरोहा पुलिस' या 'हसनपुर पुलिस' का नंबर सर्च किया। गूगल से नंबर मिलने के बाद उसने तुरंत पुलिस को फोन किया और अपने साथ हुई इस दरिंदगी की सूचना दी।

अमरोहा के एसपी (SP) लाखन सिंह यादव ने बताया, "22 सितंबर की देर रात पुलिस को महिला का फोन आया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत फार्म हाउस पहुंची। महिला की शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया और 23 सितंबर को ही चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।"

विधायक की सफाई: "गृह मंत्रालय के अधिकारियों का नाम लेकर ली थी एंट्री"

इस मामले में उत्तराखंड के खानपुर से विधायक उमेश शर्मा का नाम आने के बाद राजनीति भी गरमा गई है। विधायक उमेश शर्मा ने अपनी सफाई में कहा है कि आरोपियों ने फार्म हाउस के केयरटेकर को धोखा देकर एंट्री ली थी। विधायक के अनुसार, "आरोपियों ने वहां बताया था कि वे 'गृह मंत्रालय' (Home Ministry) के अधिकारी हैं। इसी गलत जानकारी के आधार पर उन्हें फार्म हाउस में रुकने की अनुमति दी गई थी।" विधायक के PA ने बताया कि घटना वाले दिन विधायक एक रैली में थे।

आगे क्या? DNA जांच और मेरठ के होटल से जुटेंगे सुबूत

फिलहाल, पीड़ित युवती को मेडिकल जांच और सुरक्षा के लिए अमरोहा के 'वन स्टॉप सेंटर' (One Stop Centre) में रखा गया है। एसपी लाखन सिंह यादव ने जांच की रूपरेखा बताते हुए कहा, "वारदात की पुष्टि के लिए आरोपियों और पीड़िता के कपड़े फोरेंसिक लैब (FSL) भेजे गए हैं ताकि DNA मिलान किया जा सके। इसके अलावा, हसनपुर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर अमरपाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम मेरठ के उस होटल में भी जाएगी, जहां ये लोग ठहरे थे। वहां के सीसीटीवी (CCTV) और अन्य सुबूतों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।"

यूपी पुलिस के दोनों जवानों (दरोगा और सिपाही) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, सीआरपीएफ (CRPF) के इंस्पेक्टर और हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उनके संबंधित मुख्यालय को पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। यह मामला एक बार फिर महिला सुरक्षा और पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

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