नूरपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर एडवा के जंगल में मिले महिला के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान उषा के रूप में हुई है। मामले में उसके रिश्ते के भाई नीरज को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल की है। हालांकि मामले में सामने आए आरोप और पूछताछ की जानकारी पुलिस के पक्ष के आधार पर है।
यह मामला 23 सितंबर को सामने आया था। आलमपुर एडवा के जंगल में गन्ने के खेत के किनारे एक महिला का अधजला शव मिला था। उसके पास एक छोटी बच्ची रोती हुई मिली थी। सूचना के बाद नूरपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। महिला की पहचान के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से जानकारी जुटाई थी।
सोशल मीडिया के जरिए बिजनौर के नवलपुर बैराज निवासी अनिल कुमार ने महिला की पहचान अपनी पत्नी उषा के रूप में की। इसके बाद उनकी तहरीर पर नूरपुर थाने में नीरज कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की।

हरिद्वार-ऋषिकेश ले जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में नीरज ने बताया कि उषा उसके सगे ताऊ की बेटी थी। करीब छह महीने पहले एक पारिवारिक कार्यक्रम के बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हुई थी। पुलिस के अनुसार बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›पुलिस का कहना है कि उषा के अपने पति से पारिवारिक विवाद चल रहे थे और वह स्याऊ में किराए के मकान में रह रही थी। आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उषा उस पर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का दबाव बना रही थी। पुलिस के मुताबिक इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई।
आरोप है कि 19 सितंबर की रात नीरज उषा और उसके दोनों बच्चों को लेकर हरिद्वार-ऋषिकेश गया। इसके बाद 20 सितंबर को वह नूरपुर के एक होटल में ठहरा। पुलिस पूछताछ के मुताबिक 22 सितंबर की रात करीब 10:15 बजे आरोपी तीनों को पिकअप वाहन से आलमपुर एडवा के जंगल में ले गया।
बच्ची की हत्या की भी कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार गन्ने के खेत के पास वाहन रोकने के बाद नीरज ने कथित तौर पर उषा की गला दबाकर हत्या की। इसके बाद उसके शव को वहीं छोड़ने और पहचान छिपाने की कोशिश किए जाने की बात पुलिस ने बताई है।
पुलिस का आरोप है कि उषा की तीन वर्षीय बेटी के रोने पर आरोपी ने उसकी भी हत्या करने की कोशिश की। बच्ची को मृत समझकर आरोपी उसे खेत के किनारे छोड़कर चला गया। बाद में पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा था।
इस मामले में बच्चों की हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 109(1) बीएनएस की बढ़ोतरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
शव जलाने और सबूत मिटाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए उषा के शव पर कंबल डालकर आग लगाने की बात कबूल की है। घटनास्थल से दूध की बोतल भी मिली थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने उषा का मोबाइल तोड़कर सिम निकाल दिया और उसे जंगल में फेंक दिया।
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मौके से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए थे। शुरुआती जांच में पुलिस ने महिला की हत्या के बाद शव को जलाकर पहचान छिपाने की आशंका जताई थी।
मुरादाबाद से डेढ़ साल का बेटा बरामद
पुलिस के मुताबिक उषा के करीब डेढ़ साल के बेटे को आरोपी ने अपने ससुराल में छिपा दिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मुरादाबाद स्थित ससुराल से बच्चे को बरामद कर लिया।
इससे पहले 23 सितंबर को घटनास्थल से मिली बच्ची करीब डेढ़ साल की बताई गई थी और उसे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था।
पुलिस ने आरोपी नीरज को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में हत्या के साथ बच्चों की हत्या के प्रयास से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों, साक्ष्यों और आरोपी के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है। हत्या के मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.