मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में चौकीदार की शिकायत के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। Meerut Police से जुड़े इस मामले में एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने शिकायत की जांच कराई। जांच के बाद सिपाही आशीष कुमार, विक्रम और सुरजेश को निलंबित किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट में भी तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन और मामले की जांच की पुष्टि हुई है।
चौकीदार को जगाने पहुंचे थे सिपाही
जानकारी के अनुसार तीनों पुलिसकर्मी गांव में चौकीदार को ड्यूटी के लिए जगाने पहुंचे थे। इसी दौरान चौकीदार ने उनके व्यवहार को लेकर अधिकारियों से शिकायत की।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की। साथ ही जनप्रतिनिधियों के बारे में अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया। चौकीदार ने तीनों के शराब के नशे में होने की बात भी शिकायत में कही।
उपलब्ध रिपोर्ट में चौकीदार की ओर से गाली-गलौज और मारपीट का आरोप भी सामने आया है। शिकायतकर्ता ने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश के दौरान मोबाइल छीनकर फेंकने का आरोप लगाए जाने की भी जानकारी दी गई है। इन आरोपों की पुष्टि को अलग-अलग तथ्यों के रूप में नहीं, बल्कि शिकायत में लगाए गए आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच शुरू कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत में लगाए गए आरोपों और तीनों पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की।
आपके उपलब्ध विवरण के अनुसार जांच में कार्य के दौरान लापरवाही और अनियमितता से जुड़े बिंदु भी सामने आए। जांच पूरी होने के बाद एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने तीनों सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है और जांच की जिम्मेदारी एसपी देहात अभिजीत कुमार को दी गई है।
जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचा मामला
चौकीदार की शिकायत पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी मामले की जानकारी हुई। इसके बाद प्रकरण को गंभीरता से लिया गया और पुलिस स्तर पर जांच कराई गई।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सिपाहियों पर लगाए गए अभद्रता, नशे में होने और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल के आरोप शिकायत एवं जांच से जुड़े हैं। निलंबन विभागीय कार्रवाई है और इसे किसी आपराधिक मामले में दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं माना जा सकता।
मेरठ पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.