लखनऊ (Weather Desk): उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों से अधिक समय से आसमान से आफत की बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण और लगातार बारिश (Heavy Rainfall) का दौर जारी है। बारिश का आलम यह है कि सूखी पड़ी नदियां और नाले एक बार फिर उफान पर आ गए हैं। शहरों में सड़कें पूरी तरह जलमग्न (Waterlogging) हो चुकी हैं, निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया है और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

कई जिलों में तेज हवाओं और अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कुछ स्थानों पर जनहानि और पशुहानि की भी दुखद खबरें सामने आई हैं।

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आखिर क्यों हो रही है इतनी भीषण बारिश? (मौसम विज्ञान का तर्क)

सितंबर के अंतिम सप्ताह में मानसून के इस आक्रामक रूप ने सबको हैरान कर दिया है। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने इस भारी बारिश का मुख्य कारण स्पष्ट किया है।

उन्होंने बताया, "बंगाल की खाड़ी में बना एक गहरा दबाव (Deep Depression) उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश के आसपास सक्रिय हो गया है। इस मौसमी सिस्टम के कारण वातावरण में भारी मात्रा में नमी (Moisture) आ गई है। इसके साथ ही, 'मानसून ट्रफ' (Monsoon Trough) भी उत्तर भारत की तरफ खिसक आया है। इन दोनों कारकों (निचले स्तर की हवाओं में नमी और गहरा दबाव) के मिलने से बारिश के लिए बेहद अनुकूल माहौल बन गया, जिससे कई जगह थोड़े समय में ही बहुत तेज बारिश रिकॉर्ड की गई।"

आंकड़ों में बारिश का कहर: लखीमपुर खीरी में 300mm की रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे यूपी में बारिश हो रही है, लेकिन इसकी तीव्रता अलग-अलग है।

  • लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri): जिले के मोहम्मदी इलाके में पिछले 24 घंटों में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है, जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में 'बेहद भारी बारिश' (Extremely Heavy Rainfall) की श्रेणी में रखा जाता है।

  • अन्य जिलों का हाल: 26 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार—

    • बांदा: 228 मिमी

    • हरदोई: 214 मिमी

    • शाहजहांपुर: 174.2 मिमी

    • लखनऊ (एयरपोर्ट): 135.8 मिमी

    • बाराबंकी: 121.4 मिमी

  • कानपुर और पूर्वी यूपी: कानपुर के कई इलाकों में 170 मिमी से ज्यादा बारिश हुई है। पूर्वी यूपी के कई जिलों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है। हमीरपुर और बांदा में सितंबर महीने की एक दिन में होने वाली सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड बन गया है।

  • मौसम विभाग की रिपोर्ट

लखनऊ में 48 घंटे से लगातार बारिश, तापमान 10 डिग्री लुढ़का

राजधानी लखनऊ (Lucknow) में पिछले 48 घंटों से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों, सर्विस लेन और कॉलोनियों में पानी भर गया है। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आ रही हैं और कई जगह वाहन पानी में बंद (Breakdown) होने से ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें पंप लगाकर पानी निकालने में जुटी हैं।

तापमान में भारी गिरावट (Temperature Drop): लगातार बारिश और सूरज के दर्शन न होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 9.7 डिग्री कम है। महज 48 घंटे के भीतर दिन का तापमान लगभग 10.8 डिग्री तक गिर गया है। पश्चिमी यूपी के बरेली, शाहजहांपुर, आगरा, अलीगढ़ और मुरादाबाद जैसे जिलों में भी सितंबर महीने के उपलब्ध रिकॉर्ड में सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ है। जो लोग उमस से परेशान थे, वे अब ठंडक महसूस कर रहे हैं।

बारिश से तबाही: मौतें, गिरे मकान और बाधित हुआ रेल यातायात

इस मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में कहर भी बरपाया है:

  • हरदोई (Hardoi): कछौना थाना क्षेत्र के फत्तेपुर मजरा गाजू गांव में भारी बारिश के कारण एक कच्ची दीवार ढह गई। इस मलबे में दबकर 55 वर्षीय किसान सुंदरलाल की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के पिपरी गांव में दीवार गिरने से 4 भैंसों की जान चली गई।

  • गोरखपुर (Gorakhpur): लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पूर्वोत्तर रेलवे (NER) का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि लखनऊ-गोरखपुर और गोंडा-बहराइच रेल खंड पर लगभग 40 पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिरे हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है।

  • लखीमपुर खीरी: मझगई थाना क्षेत्र के भगवंत नगर गांव में दो घरों के गिरने की सूचना है।

  • चित्रकूट (Chitrakoot): दो दिनों से हो रही बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने रामघाट पहुंचकर बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कब मिलेगी इस आफत की बारिश से राहत?

किसानों और आम जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि बारिश कब थमेगी? (धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान होने की पूरी आशंका है।)

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार:

  • 27 सितंबर: तराई (Terai) और उसके आसपास के जिलों में तेज बारिश जारी रह सकती है। हालांकि, अन्य इलाकों में बारिश की तीव्रता में कमी आनी शुरू हो जाएगी। जलभराव और ट्रैफिक की दिक्कतें आज बनी रह सकती हैं।

  • 28 सितंबर से राहत: 28 सितंबर से प्रदेश में मौसम में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। गहरा दबाव (Depression) कमजोर होकर तराई क्षेत्रों की तरफ खिसक रहा है। इसके बाद बारिश की रफ्तार काफी कम हो जाएगी, हालांकि छिटपुट या हल्की बारिश हो सकती है।

  • अक्टूबर की शुरुआत: मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर महीने की शुरुआत तक बारिश का दौर लगभग पूरी तरह से खत्म हो जाएगा और मौसम सूखा (Dry) रहने की संभावना है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और गहरे पानी में जाने से बचें, तथा आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों या खुले स्थानों पर खड़े न हों।

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