उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। खालापार थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवक ने कासगंज की रहने वाली 16 साल की नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर मुजफ्फरनगर बुलाया और फिर उसे बंधक बनाकर लगातार तीन दिन तक दुष्कर्म किया। आरोपियों की खौफनाक साजिश लड़की को ऋषिकेश ले जाकर उसकी हत्या करने की थी, लेकिन लड़की की सूझबूझ और शोर मचाने के कारण उसकी जान बच गई। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए लड़की को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती जानकारी के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से कासगंज की रहने वाली है। उसके पिता नगरपालिका में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत हैं। करीब एक साल पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए उसकी मुलाकात मुजफ्फरनगर के कृष्णापुरी निवासी 19 वर्षीय रुद्र वर्मा से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान रुद्र ने लड़की का फोन नंबर हासिल कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी। बताया जा रहा है कि आरोपी रुद्र कई बार लड़की से मिलने कासगंज भी गया था, जिससे नाबालिग का उस पर भरोसा गहरा हो गया।

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जेवर-कैश लूटा और 3 दिन तक किया दुष्कर्म घटना से करीब चार दिन पहले आरोपी रुद्र ने लड़की को शादी करने और हमेशा साथ रखने का झूठा झांसा दिया। उसने लड़की को मुजफ्फरनगर आने के लिए राजी किया और साथ ही घर में रखे सोने के जेवर और नकदी (कैश) भी लाने को कहा। 22 सितंबर को लड़की उसके बहकावे में आ गई और जेवर-कैश लेकर मुजफ्फरनगर पहुंच गई। आरोपी रुद्र उसे प्रेमपुरी स्थित अपने दोस्त वीर (18) के घर ले गया। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने लड़की से जेवर और कैश छीन लिए। लड़की किसी से मदद न मांग सके, इसके लिए उसका मोबाइल छीन लिया गया और सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया गया। इसके बाद रुद्र ने उसे बंधक बना लिया और तीन दिन तक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

ऋषिकेश ले जाकर हत्या की थी साजिश बंधक रहने के दौरान लड़की को यह अहसास हो गया कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है। इसी बीच, उसने रुद्र और उसके दोस्तों को यह बात करते हुए सुन लिया कि 'इसे ऋषिकेश ले चलते हैं, जो भी करना होगा वहीं करेंगे।' लड़की समझ गई कि आरोपी उसकी हत्या करने की फिराक में हैं। शुक्रवार देर रात रुद्र अपने दोस्तों दानिश (19) और वीर (18) के साथ मिलकर लड़की को कार से ऋषिकेश ले जाने के लिए जबरन घसीट कर ले जा रहा था।

शोर मचाने पर बची जान, पुलिस की कार्रवाई घर से बाहर निकलते ही लड़की ने सड़क पर कुछ लोगों को देखा और मदद के लिए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। लड़की के चिल्लाने और भीड़ को इकट्ठा होता देख तीनों आरोपी घबरा गए और उसे सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसी बीच समाजसेवी शालू सैनी और नीशू वहां पहुंच गईं। उन्होंने रोती-बिलखती लड़की को चुप कराया और उसे सुरक्षित कृष्णापुरी स्थित एक आश्रम ले गईं।

घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार रात करीब 1 बजे दरोगा मनोज शर्मा ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने लड़की को सुरक्षा के मद्देनजर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है और उसके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस कासगंज पुलिस से भी संपर्क कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां नाबालिग की गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट तो दर्ज नहीं है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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