बिजनौर: जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने और समाज के हर वर्ग को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (DM) उमेश प्रताप सिंह लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार, 27 सितंबर को जिलाधिकारी ने विकासखंड हल्दौर के अंतर्गत ग्राम दारानगर गंज स्थित महात्मा विदुर सेवा आश्रम के आवासीय वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां रहने वाले वृद्धजनों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी कुशल-क्षेम जानी और आश्रम की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

वृद्धजनों से किया आत्मीय संवाद, भोजन की गुणवत्ता पर जताई संतुष्टि निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की। उन्होंने वृद्धजनों से उनके स्वास्थ्य, रहन-सहन और आश्रम द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता और मीनू को लेकर सवाल किए। इस पर सभी वृद्धजनों ने अवगत कराया कि उन्हें समय पर भोजन मिलता है और आश्रम में उपलब्ध कराया जा रहा खाना गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक है। बुजुर्गों की संतुष्टि देखकर जिलाधिकारी ने आश्रम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

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नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के कड़े निर्देश बुजुर्गों की ढलती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी, बिजनौर को निर्देशित किया कि वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए एक समर्पित चिकित्सा टीम का गठन किया जाए, जो नियमित अंतराल पर आश्रम में स्वास्थ्य शिविर (हेल्थ कैंप) का आयोजन करे। सभी वृद्धजनों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित कराया जाए, ताकि किसी भी बीमारी का समय रहते पता चल सके और उन्हें त्वरित उपचार मिल सके।

साफ-सफाई और मनोरंजन के साधनों पर विशेष जोर जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने वृद्धाश्रम परिसर, आवासीय कक्षों (कमरों) और प्रसाधनों (शौचालयों) का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि साफ-सफाई की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता न बरती जाए। वृद्धजनों द्वारा उपयोग की जाने वाली चादरें, तकिए के कवर और लिहाफ आदि को निर्धारित अंतराल पर बदलवाया जाए और उनकी अच्छी तरह से धुलाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, आश्रम में पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें एक सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

सतत निगरानी के लिए नामित होगा नोडल अधिकारी वृद्धाश्रम की व्यवस्थाएं हमेशा बेहतर बनी रहें, इसके लिए जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और सतत अनुश्रवण के लिए एक विशेष 'नोडल अधिकारी' नामित करने के निर्देश दिए हैं। यह नोडल अधिकारी समय-समय पर वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण करेगा और वहां स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन तथा अन्य सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करेगा। आवश्यकता पड़ने पर व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार भी कराएगा।

निरीक्षण के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे बुजुर्गों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि उन्हें स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो सके।

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