मेरठ में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने पुराने वाहनों और कच्ची कॉलोनियों में बने मकानों पर कार्रवाई के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। Meerut Farmers Protest के तहत जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में किसान कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। संगठन के मुताबिक बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।

भाकियू ने दोनों मुद्दों को किसानों और आम लोगों से जुड़ा बताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा। संगठन का कहना है कि संबंधित मामलों में लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। प्रदर्शन और घेराव की तैयारी की जानकारी संगठन की बैठक में पहले ही सामने आई थी।

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पुराने वाहनों की कार्रवाई पर विरोध

मेरठ में आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों को लेकर परिवहन विभाग की कार्रवाई चल रही है। भाकियू टिकैत ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि पुराने वाहन रखने वाले किसानों और आम लोगों की समस्याओं पर अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

परिवहन विभाग की ओर से पहले ही आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। 18 सितंबर को मेरठ RTO कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अपर परिवहन आयुक्त आरके विश्वकर्मा ने End-of-Life वाहनों को जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर के जरिए स्क्रैप कराने के निर्देश दिए थे।

भाकियू इस कार्रवाई के तरीके और इससे प्रभावित होने वाले लोगों के मुद्दे को प्रदर्शन के जरिए उठा रही है। यह संगठन की आपत्ति है; इसे सरकारी नियमों पर न्यायिक निर्णय के रूप में नहीं देखा जा सकता।

कच्ची कॉलोनियों में मकानों की कार्रवाई का मुद्दा

प्रदर्शन का दूसरा प्रमुख मुद्दा कच्ची कॉलोनियों में बने मकानों और निर्माणों पर कार्रवाई है। भाकियू का कहना है कि कार्रवाई से प्रभावित लोगों की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

हाल के दिनों में मेरठ में मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी कार्रवाई के खिलाफ अलग-अलग संगठनों ने भी आवाज उठाई है। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने प्रभावित लोगों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही थी।

भाकियू की पहले की बैठक में तय किया गया था कि 28 सितंबर को मेरठ विकास प्राधिकरण और RTO कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। संगठन ने दोनों विभागों से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब मांगने की बात कही थी।

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि अधिकारियों से सम्मानपूर्वक बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उनके मुताबिक यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।

उन्होंने जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति तैयार करने की बात भी कही। हालांकि, आगे आंदोलन का स्वरूप और कार्यक्रम संगठन की आगामी रणनीति पर निर्भर करेगा।

प्रदर्शन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर अब संबंधित विभागों और प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। भाकियू की मांगों और सरकारी कार्रवाई के बीच आगे की बातचीत से यह स्पष्ट होगा कि दोनों पक्ष किसी समाधान तक पहुंचते हैं या आंदोलन का अगला चरण शुरू होता है।

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