उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने प्रदेश के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। यूपी में भारी बारिश के कारण कच्चे मकान गिरने, पेड़ उखड़ने और आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाओं में जनधन का व्यापक नुकसान हुआ है। वर्षा जनित इन हादसों में अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को जहां प्रदेश भर में 60 लोगों की जान गई थी, वहीं रविवार को 29 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
मौसम विभाग का 11 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा गहन अवदाब (डीप डिप्रेशन) उत्तर प्रदेश तक पहुंचते हुए एक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल चुका है। रविवार को यह सिस्टम यूपी के मध्य हिस्से में उत्तर की ओर सक्रिय था। इसके प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने सोमवार को 11 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बहराइच, लखीमपुर खीरी, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं शामिल हैं। इसके साथ ही 36 जिलों में बादल गरजने, बिजली गिरने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
विभिन्न जिलों में जनहानि और नुकसान
यूपी में भारी बारिश के कारण सबसे अधिक नुकसान अवध और रुहेलखंड क्षेत्रों में देखने को मिला है। अवध क्षेत्र में 11 लोगों की जान गई है, जिनमें सर्वाधिक पांच मौतें सीतापुर में दर्ज की गईं। बलरामपुर में मकान ढहने से एक महिला की और सांप काटने से एक युवक की मौत हो गई। बाराबंकी, गोंडा और बहराइच में दीवार व पेड़ गिरने से कई लोगों ने दम तोड़ दिया।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पांच, गोरखपुर और मुरादाबाद में चार-चार, बरेली में तीन और प्रयागराज जिले में दो लोगों की जान चली गई। प्रतापगढ़ के मानिकपुर और उदयपुर में कच्चे मकान गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कोहंडौर में दो बच्चे घायल हो गए। कुंवरगांव (बदायूं) में 48 घंटे के भीतर 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जहां दीवार ढहने से एक डेढ़ साल के बच्चे की जान चली गई।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›नदियों का जलस्तर बढ़ा, स्कूल बंद
लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 1.47 लाख क्यूसेक को पार कर गया है। खतरे को देखते हुए बिजनौर, बरेली, पीलीभीत समेत कई जिलों में प्रशासन ने कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया है।
बिजली संकट से हाहाकार
बारिश और तेज हवाओं ने ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई गांवों में 30 से 55 घंटों से बिजली गुल है, जिससे हाहाकार मचा हुआ है। खंभे और पेड़ गिरने से लाइनें टूट गई हैं और जलभराव के कारण मरम्मत कार्य में भारी बाधा आ रही है। मुरादाबाद मंडल के चारों जिलों में लगातार दूसरे दिन जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की फसलें डूब गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और राहत बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में भी परेशानी आ रही है।
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