उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों को लेकर प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और उत्तर प्रदेश शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करते हुए, जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके स्थान पर अब शहर के इन्दिरा बाल भवन को आधिकारिक धरना स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है।

​कलेक्ट्रेट परिसर निषिद्ध क्षेत्र घोषित

जिलाधिकारी बिजनौर, उमेश प्रताप सिंह ने हाल ही में कार्यालय आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कलेक्ट्रेट परिसर अब धरना-प्रदर्शन के लिए पूर्णतः निषिद्ध क्षेत्र रहेगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'अमित साहनी बनाम स्टेट ऑफ दिल्ली' और 'माकपा बनाम भारत संघ' के मामलों में दिए गए विधि व्यवस्था संबंधी निर्णयों के साथ-साथ प्रमुख सचिव, गृह (पुलिस) अनुभाग-4, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में उठाया गया है। अब से जिले के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम, आंदोलन और प्रदर्शन केवल इन्दिरा बाल भवन में ही आयोजित किए जा सकेंगे।

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​दिनवार मजिस्ट्रेट और लिंक अधिकारियों की तैनाती

धरना स्थल (इन्दिरा बाल भवन) पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए जिलाधिकारी ने दिनवार मजिस्ट्रेट और उनके लिंक अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी है।

  • ​सोमवार: सुश्री वन्दना कुशवाह (डिप्टी कलेक्टर) मजिस्ट्रेट होंगी, जबकि श्री रामाश्रय (उपजिलाधिकारी, न्यायिक) लिंक अधिकारी रहेंगे।
  • ​मंगलवार: श्री रामाश्रय मजिस्ट्रेट का कार्यभार संभालेंगे और सुश्री वन्दना कुशवाह लिंक अधिकारी होंगी।
  • ​बुधवार: श्री आशुतोष रामप्यारे जैसवाल (उपजिलाधिकारी, न्यायिक) मजिस्ट्रेट तथा श्रीमती प्रज्ञा यादव (डिप्टी कलेक्टर) लिंक अधिकारी नामित की गई हैं।
  • ​गुरुवार: श्रीमती प्रज्ञा यादव मजिस्ट्रेट और श्री आशुतोष रामप्यारे जैसवाल लिंक अधिकारी होंगे।
  • ​शुक्रवार: श्री जितेन्द्र सिंह वीरवाल (डिप्टी कलेक्टर) मजिस्ट्रेट तथा श्री अनुराग सिंह (डिप्टी कलेक्टर) लिंक अधिकारी रहेंगे।
  • ​शनिवार: श्री अनुराग सिंह मजिस्ट्रेट और श्री जितेन्द्र सिंह वीरवाल लिंक अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

​अवकाश के दिन वैकल्पिक व्यवस्था

जिलाधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे धरना-प्रदर्शन करने वाले आयोजकों से उचित समन्वय स्थापित करें और उनके प्रार्थना पत्रों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। यदि किसी दिन नामित मजिस्ट्रेट और उनके लिंक अधिकारी दोनों अवकाश पर होते हैं, तो ऐसी स्थिति में श्री विजय शंकर (डिप्टी कलेक्टर) उनके स्थान पर कार्य संपादित करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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