उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक और बिजनौर जिले के नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जनपदीय विकास कार्यों की अहम समीक्षा की। इस Bijnor Nodal Officer Meeting में उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में 13 अगस्त 2026 को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी विस्तार से जांच की गई।
सीएम डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन पर कार्रवाई नोडल अधिकारी ने अगस्त 2026 की मुख्यमंत्री (CM) डैशबोर्ड रैंकिंग की समीक्षा करते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिले की आठ योजनाओं में 'सी' (C) और 'डी' (D) श्रेणी प्राप्त करने वाले छह विभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चेतावनी जारी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर दिसंबर 2026 तक शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को सौ प्रतिशत पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रणविजय सिंह ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि अगस्त 2026 में जिले के कुल 85 कार्यक्रमों में से 55 में 'ए' (A) श्रेणी, 07 में 'बी' (B), 04 में 'सी' और 04 में 'डी' श्रेणी मिली है, जबकि 15 कार्यक्रम गैर-श्रेणी वाले हैं। खराब प्रदर्शन वाले विभागों में मुख्य रूप से पंचायती राज, श्रम एवं सेवायोजन, उद्योग, युवा कल्याण, लोक निर्माण और समाज कल्याण विभाग शामिल हैं।
जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को कड़ी फटकार बैठक के दौरान ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं— एलसी इंफ्रा और वीटीएल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधकों को भी तलब किया गया। नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के गड्ढों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए। गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने पर इन कंपनियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›एलसी इंफ्रा (फेज 2): 301 योजनाओं का लक्ष्य, 178 पूरी हुईं।
वीटीएल इंफ्रा (फेज 3): 608 योजनाओं का लक्ष्य, 86 पूरी हुईं।
विभिन्न विभागों की समीक्षा और अहम निर्देश
विद्युत विभाग: अधिशासी अभियंता ने दावा किया कि शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली दी जा रही है। नोडल अधिकारी ने मौजूद अन्य अधिकारियों से इसका क्रॉस-फीडबैक भी लिया।
स्वास्थ्य विभाग: सीडीओ ने बताया कि जिले में 36 स्वास्थ्य उपकेंद्र और दो ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बननी हैं। इनमें से 17 के लिए जमीन चिह्नित हो चुकी है और कार्य जिला पंचायत बिजनौर के जिम्मे है।
कृषि व पशुपालन: मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाने और ब्लॉक स्तर पर सभी पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उद्यान विभाग: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्लस्टर बनाकर योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाने को कहा गया।
नोडल अधिकारी ने आईजीआरएस (IGRS), सीएम हेल्पलाइन और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
Sabse pehle comment karne wale banein.