सुप्रीम कोर्ट ने CBSE Three Language Policy को लेकर सोमवार को कक्षा 6 के छात्रों को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि नई तीन-भाषा योजना के तहत कक्षा 6 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी वही छूट दी जाए, जो कक्षा 7 के छात्रों को पहले से दी गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की पीठ ने की।

कोर्ट को बताया गया कि CBSE के 29 जून के बयान के अनुसार, वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को कक्षा 10 में पहुंचने के बाद तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। इसी व्यवस्था के तहत अब कक्षा 6 के छात्रों को भी राहत देने का निर्देश दिया गया है।

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99 प्रतिशत स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि करीब 99 प्रतिशत स्कूलों में तीसरी भाषा की नीति लागू करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। लगभग 1.25 प्रतिशत स्कूलों में अभी व्यवस्थाएं पूरी की जानी बाकी हैं।

पीठ ने उपलब्ध कराई गई जानकारी को देखते हुए कक्षा 6 के छात्रों को भी कक्षा 7 के विद्यार्थियों के समान छूट देने का निर्देश दिया। अदालत ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि नीति से जुड़े संवैधानिक और कानूनी सवालों पर बाद में विचार किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी कि बच्चों ने कई महीने से स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया है। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों ने पहले ही अपनी भाषाएं चुन ली थीं, लेकिन अब उन्हें भाषा बदलने के लिए कहा जा रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक स्कूल में कुछ बच्चे कक्षा 4 से स्पैनिश पढ़ रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत उन्हें अचानक संस्कृत पढ़ने के लिए कहा गया। उनके अनुसार, समस्या केवल तीसरी भाषा लागू करने की नहीं है, बल्कि पहले से पढ़ी जा रही भाषा के विकल्प को बदलने की भी है।

CBSE को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश

केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के सामने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 2,80,819 स्कूलों में कक्षा 6 से जुड़ी नई व्यवस्था से लगभग 1.2 प्रतिशत स्कूल प्रभावित हुए हैं।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने सुनवाई के दौरान व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही। पीठ ने संकेत दिया कि इसे पहले सीमित स्तर पर शुरू किया जा सकता है और तैयारियां पूरी होने के बाद पूरी तरह लागू किया जाए।

पीठ ने केंद्र और CBSE की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता तथा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि कक्षा 7, 8 और 9 के विद्यार्थियों को दी गई राहत इस वर्ष कक्षा 6 के छात्रों को भी दी जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।

इससे पहले इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाओं की व्यवस्था, जिसमें दो स्थानीय या भारतीय भाषाएं शामिल हों, को शैक्षणिक सत्र 2027 से लागू करने पर विचार करने को कहा था।

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