उत्तर प्रदेश युवा साहित्यकार संघ की वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए सोमवार सुबह 10 बजे एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस Bhagat Singh Jayanti Event में देशभक्ति के अपार जज्बे के साथ अमर शहीद सरदार भगत सिंह के सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

ओजस्वी कविताओं से गूंजी शौर्य गाथा कार्यक्रम में उपस्थित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी चुनिंदा रचनाओं के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के इस महान नायक को नमन किया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डॉ. राम सिंह सुमन ने अपनी ओजस्वी कविताओं के माध्यम से पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति का जोश भर दिया। वहीं, प्रमुख कवि नरेश वर्मा और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अनिल शर्मा 'अनिल' ने भी अपनी विशेष साहित्यिक रचनाओं के जरिए वीर सरदार भगत सिंह की शौर्य गाथा का गुणगान किया।

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बलिदान से सच्ची प्रेरणा लेने का आह्वान कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा करते हुए वक्ता मनोज कात्यान ने देश की आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह की ऐतिहासिक और अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए उनके निस्वार्थ बलिदान के बिना स्वतंत्रता का सपना पूरा होना नामुमकिन था। उन्होंने उपस्थित लोगों और युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीद भगत सिंह के आदर्श जीवन और उनके असीम राष्ट्रप्रेम से सच्ची प्रेरणा लें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता और प्रमुख उपस्थिति इस गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता सरदार सतवंत सिंह सलूजा ने की, जबकि मंच संचालन का जिम्मा हरी कांत शर्मा ने बखूबी निभाया। देशभक्ति से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से विभूति कांत शर्मा, सचिन अग्रवाल, इंदु कांत शर्मा, संजय बिल्लू, केशव कांत शर्मा, सुधाकर शर्मा, डॉ. अभिनव शर्मा, सोम गिरी महाराज, ईश्वर गोस्वामी, अरविंद सिंह और संजय गुप्ता ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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