मेरठ। केसरगंज मंडी स्थित मस्जिद के बाहर मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ किए जाने के ऐलान के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हिंदू संगठन के नेता पिंकी चौधरी की ओर से कार्यक्रम की घोषणा किए जाने के बाद पुलिस ने मस्जिद और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री पर नजर रखी जा रही है।
आपके उपलब्ध विवरण के अनुसार, केसरगंज मंडी में पांच थानों की पुलिस के साथ 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और PAC को भी बुलाया गया है। मंडी में आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। स्थानीय लोगों की पहचान जांच के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। पुलिस माइक से लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की कुछ दुकानें भी बंद कराई गई हैं। स्वतंत्र रिपोर्टों में भी दोनों प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग, पहचान जांच और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जानकारी सामने आई है।

हनुमान चालीसा पाठ के ऐलान के बाद बढ़ी सुरक्षा
मामला तब सामने आया जब गाजियाबाद के हिंदू दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और ललित शर्मा की ओर से मंगलवार को केसरगंज मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान किया गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए।
पुलिस के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। मस्जिद के मुतवल्ली जुबेर ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।
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एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार मस्जिद के बाहर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया कंटेंट पर निगरानी रखी जा रही है। कैंट सीओ संजय गुप्ता ने भी लोगों से भ्रामक खबरों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है।
10 सितंबर को निर्माण को लेकर शुरू हुआ था विवाद
केसरगंज मंडी स्थित मस्जिद की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य को लेकर सितंबर की शुरुआत में विवाद शुरू हुआ था। स्थानीय व्यापारियों ने निर्माण को अनुमति के बिना कराया जा रहा काम बताते हुए आपत्ति जताई थी। पुलिस मौके पर पहुंची थी और निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से शिकायतें और बयान सामने आए।
व्यापारियों की ओर से मस्जिद के निर्माण की जांच कराने की मांग की गई। दूसरी ओर, मस्जिद से जुड़े पक्ष ने निर्माण और मस्जिद के इतिहास को लेकर अलग पक्ष रखा है। इसलिए निर्माण वैध है या नहीं, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रशासनिक जांच या संबंधित सक्षम प्राधिकरण के रिकॉर्ड के आधार पर ही तय किया जाना है।

सांसद अरुण गोविल भी डीएम को लिख चुके हैं पत्र
मस्जिद में निर्माण को लेकर मेरठ के सांसद अरुण गोविल ने सितंबर में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पत्र में कथित तौर पर बिना पूर्व अनुमति किए जा रहे निर्माण की जांच कराने की मांग रखी गई थी। यह मांग सांसद की ओर से की गई थी; इसे निर्माण के अवैध होने का अंतिम प्रशासनिक या न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
विवाद के दौरान व्यापारियों और मस्जिद से जुड़े लोगों के बीच आमने-सामने की स्थिति भी बनी थी। इससे पहले पुलिस ने दोनों पक्षों से मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की थी और मामले की जांच की बात कही थी।
विधायक ने की शांति बनाए रखने की अपील
सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उनके बयान के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से दोनों समुदायों के बीच भाईचारा रहा है और धार्मिक गतिविधियां अपने-अपने स्थान पर शांतिपूर्ण ढंग से होनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि किसी भी स्थिति में माहौल खराब नहीं होना चाहिए और सभी पक्षों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।
मस्जिद को लेकर अलग-अलग दावे
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने मस्जिद के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वर्तमान मस्जिद का निर्माण आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के बिना किया गया है और उन्होंने प्रशासन से जांच तथा कार्रवाई की मांग की है। यह उनका आरोप है, जिसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से किसी अंतिम प्रशासनिक या न्यायिक आदेश से नहीं हुई है।
मेरठ मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र गोयल ने भी निर्माण को लेकर आपत्ति जताई और मामले की जांच की मांग की है। वहीं व्यापारी ईश्वर चंद कंसल ने मस्जिद के पुराने स्वरूप का हवाला देते हुए दावा किया कि पहले यहां छोटी मस्जिद थी, जहां मंडी में काम करने वाले लोग नमाज पढ़ते थे। वर्तमान स्वरूप को लेकर उनका अलग दावा है।
इन दावों के बीच पुलिस और प्रशासन का मुख्य जोर फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। मंगलवार को केसरगंज में सुरक्षा व्यवस्था इसी उद्देश्य से बढ़ाई गई है।
पुलिस की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट वीडियो, पोस्ट या दावे को बिना पुष्टि के आगे न बढ़ाएं। पुलिस के अनुसार इलाके की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल केसरगंज मंडी में पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह से बचने को कहा गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.