त्योहारी सीजन (दिवाली, क्रिसमस, न्यू ईयर) के दौरान दिल्ली में शराब की खरीदारी करने वालों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। राज्य का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार अपनी नई आबकारी नीति (New Excise Policy) का मसौदा तैयार कर चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नीति को अक्टूबर माह में अधिसूचित (नोटिफाई) किए जाने की प्रबल संभावना है। इस नई व्यवस्था के तहत उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) और रिटेल मार्जिन में इजाफा किया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर Delhi Liquor Price Hike देखने को मिलेगा।

​क्यों बढ़ेंगी कीमतें और क्या होगा बदलाव?

वर्तमान व्यवस्था के तहत, दिल्ली में बीयर पर 150 प्रतिशत और विदेशी शराब (इम्पोर्टेड लिकर) पर 85 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी के साथ 25 प्रतिशत वैट (VAT) लागू है। ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक विनोद गिरि के स्पष्टीकरण के अनुसार, राजस्व में वृद्धि के लिए यदि सरकार मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करती है, तो बाजार में शराब के दाम स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएंगे।

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​प्रतिशत आधारित मार्जिन से खुलेंगे प्रीमियम स्टोर्स

मौजूदा समय में दिल्ली में शराब की बिक्री केवल सरकारी दुकानों के जरिए होती है, जहां प्रति बोतल एक फिक्स्ड (तय) मार्जिन मिलता है। उदाहरण के लिए, स्कॉच की एक बोतल पर लगभग 100 रुपये का ही फिक्स्ड मार्जिन है। मुनाफा कम होने के कारण दुकानदार 1000 रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम ब्रांड्स रखने से बचते हैं। नई नीति में इस फिक्स्ड मार्जिन व्यवस्था को खत्म कर प्रतिशत आधारित (Percentage-based) मार्जिन लागू किए जाने की योजना है। इससे राजधानी में प्रीमियम वाइन और स्कॉच की दुकानों का तेजी से विस्तार होगा।

​गुरुग्राम और फरीदाबाद से रुकेगी ग्राहकों की दौड़

वर्तमान में दिल्ली और पड़ोसी शहरों की कीमतों में बड़ा अंतर है। फिक्स्ड मार्जिन न होने के कारण जो ब्लैक लेबल (Black Label) गुरुग्राम में करीब 2400 रुपये में उपलब्ध है, वही दिल्ली में 3500 रुपये की मिलती है। दिल्ली में मार्जिन और रिटेल स्ट्रक्चर को आकर्षक बनाने का मुख्य लक्ष्य यही है कि प्रीमियम ब्रांड्स के खरीदार सस्ते विकल्पों के लिए पड़ोसी शहरों की तरफ न जाएं।

​दुकानों का स्वरूप रहेगा पूरी तरह सरकारी

अधिकारियों के अनुसार, नई नीति में किसी भी निजी कंपनी (प्राइवेट प्लेयर्स) को बाजार में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शराब की बिक्री सरकारी दुकानों के माध्यम से ही जारी रहेगी, लेकिन ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इनका आधुनिकीकरण (मॉडर्नाइजेशन) किया जाएगा।

​कब लागू होगी नई आबकारी नीति?

पूर्व आबकारी आयुक्त रवि झा के तबादले के बाद वर्तमान में नए अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। नए आबकारी आयुक्त के पदभार ग्रहण करते ही इस नीति का अंतिम प्रस्ताव दिल्ली कैबिनेट और उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा जाएगा। वहां से अंतिम मंजूरी मिलते ही इसे अक्टूबर में आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया जाएगा।

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