उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से मंगलवार को एक बड़े और खौफनाक हादसे की खबर सामने आई। शहर के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध घंटाघर इलाके में स्थित एक बड़े जूतों के शोरूम में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते इस आग ने पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि इसकी ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार एक किलोमीटर दूर से ही साफ देखा जा सकता था। गनीमत यह रही कि मंगलवार को बाजार की साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण शोरूम बंद था, जिससे एक बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। इस गाजियाबाद जूता शोरूम में आग की घटना से लाखों रुपये का माल जलकर राख हो गया है। READ ALSO:-बिजनौर में सनसनी: चांदपुर की पोषक नहर में उतराता मिला 35 वर्षीय अज्ञात युवक का शव, रहस्यमयी मौत की जांच में जुटी पुलिस
\r\n\r\n\r\n\r\n
आग का खौफनाक मंजर: शीशे तोड़कर बाहर निकलने लगीं लपटें
\r\n\r\nमंगलवार दोपहर जब यह हादसा हुआ, तब बाजार में सन्नाटा था। अचानक जूतों के शोरूम की तीसरी मंजिल से धुआं उठना शुरू हुआ। जूते, चप्पल और रबर के अन्य ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@khabreelal_news यूपी के गाजियाबाद में भीषण अग्निकांड। घंटाघर स्थित जूतों के शोरूम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग। दमकल की 11 गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों का माल जलकर खाक। pic.twitter.com/1AK5cVywlM
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) July 7, 2026
\r\n\r\n
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि शोरूम के बाहर लगे बड़े-बड़े कांच के शीशे चटक कर टूट गए और आग की लपटें खिड़कियों से बाहर की तरफ निकलने लगीं। शीशे टूटने की तेज आवाज सुनकर आसपास के कुछ दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तुरंत पुलिस और दमकल विभाग (Fire Brigade) को इस अग्निकांड की सूचना दी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
दमकल विभाग का त्वरित रेस्क्यू: 11 गाड़ियों ने मिलकर पाया काबू
\r\n\r\nआग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें दोपहर 3 बजकर 6 मिनट पर इस घटना की सूचना मिली थी। कॉलर ने बताया था कि घंटाघर के पास एक शोरूम में भीषण आग लगी है और वह तेजी से फैल रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 6 गाड़ियां तुरंत पहुंची: सूचना मिलते ही कोतवाली घंटाघर फायर स्टेशन से तुरंत 6 दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना कर दी गईं।\r\n \r\n
- \r\n अतिरिक्त मदद: आग का रूप विकराल होता देख साहिबाबाद और आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी फायर ब्रिगेड की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं।\r\n \r\n
- \r\n 2 घंटे की कड़ी मशक्कत: कुल 11 दमकल गाड़ियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार कर करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।\r\n \r\n
\r\n\r\n
राहत की बात: मंगलवार की बंदी और बारिश ने दिया साथ
\r\n\r\nइस भयानक गाजियाबाद जूता शोरूम में आग की घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी इंसान की जान नहीं गई। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि गाजियाबाद में मंगलवार को अधिकांश बाजार और दुकानें बंद रहती हैं। जिस शोरूम में आग लगी, वह भी पूरी तरह से बंद था। घटना के समय ऊपरी मंजिल पर कोई भी कर्मचारी या ग्राहक मौजूद नहीं था।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nदिनांक 07/07/2026 को कमिश्नरेट गाजियाबाद पर विंग्स शूज घंटाघर गाजियाबाद शोरूम में लगी आग पर फायर सर्विस यूनिट के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए कुल 11 गाड़ियो की मदद से आग को पूर्ण रूप से शांत किया गया, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। pic.twitter.com/WG31Cd8XLh
\r\n— Ghaziabad Fire & Emergency Services (@ghaziabadfire) July 7, 2026
\r\n\r\n
स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस लेते हुए कहा, "आज मंगलवार था, इसलिए सिर्फ सामान का नुकसान हुआ है। अगर यह हादसा किसी और दिन हुआ होता, जब शोरूम में कर्मचारियों और ग्राहकों की भीड़ होती, तो यह एक बड़ा जानलेवा हादसा बन सकता था। भगवान ने बहुत बड़ी जनहानि होने से बचा लिया।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसके अलावा, राहत और बचाव कार्य में मौसम ने भी अहम भूमिका निभाई। घटना के समय गाजियाबाद शहर में बारिश हो रही थी। बारिश के कारण आसपास का तापमान कम था और नमी ज्यादा थी, जिसकी वजह से आग शोरूम के आसपास की अन्य इमारतों और दुकानों तक तेजी से नहीं फैल सकी।
\r\n\r\n
रहस्यमयी संयोग: एक ही शोरूम, एक ही मंजिल और तीसरी बार आग
\r\n\r\nइस घटना में एक बेहद हैरान करने वाला तथ्य भी सामने आया है। दमकल विभाग और स्थानीय लोगों के अनुसार, घंटाघर स्थित इस जूतों के शोरूम में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस शोरूम में दो बार भीषण आग लग चुकी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों ही बार आग शोरूम की तीसरी मंजिल पर ही लगी है। एक ही बिल्डिंग की एक ही मंजिल पर बार-बार आग लगने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और फायर विभाग अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि आखिर तीसरी मंजिल पर ही बार-बार आग क्यों भड़क रही है। क्या वहां कोई फॉल्टी वायरिंग है या फिर कोई अन्य कारण?
\r\n\r\n\r\n\r\n
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका और सुरक्षा के सवाल
\r\n\r\nशुरुआती जांच के आधार पर दमकल विभाग का मानना है कि इस गाजियाबाद जूता शोरूम में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। बंद शोरूम में बिजली के किसी तार में स्पार्किंग हुई होगी और जूतों के रबर व गत्ते के डिब्बों ने तुरंत आग पकड़ ली होगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों (Commercial Buildings) में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (Fire Safety System) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n फायर ऑडिट की जरूरत: भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुरानी इमारतों का नियमित फायर ऑडिट होना बेहद जरूरी है।\r\n \r\n
- \r\n अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम: हर कमर्शियल शोरूम में स्मोक डिटेक्टर और वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम चालू हालत में होने चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n वायरिंग की जांच: हर 2-3 साल में पूरी बिल्डिंग की इलेक्ट्रिक वायरिंग की जांच एक सर्टिफाइड इलेक्ट्रीशियन से कराई जानी चाहिए।\r\n \r\n
\r\n\r\n
पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई
\r\n\r\nआग पूरी तरह से बुझने के बाद दमकल विभाग ने 'कूलिंग प्रक्रिया' (Cooling Process) शुरू कर दी, ताकि अंदर सुलग रही कोई चिंगारी दोबारा आग का रूप न ले सके। राजस्व विभाग और पुलिस की टीम अब शोरूम मालिक के साथ मिलकर जले हुए माल और कुल नुकसान का आकलन करने में जुटी है। अनुमान है कि इस हादसे में लाखों रुपये के ब्रांडेड जूते और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि शोरूम की बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) कराया जाए, ताकि यह पता चल सके कि आग की गर्मी से इमारत को कितना नुकसान पहुंचा है और वह सुरक्षित है या नहीं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
गाजियाबाद के घंटाघर इलाके में मंगलवार दोपहर हुआ यह अग्निकांड बेहद भयावह था। हालांकि, गाजियाबाद जूता शोरूम में आग लगने की इस घटना में किसी की जान नहीं गई, जो कि एक बहुत बड़ी राहत की बात है। लेकिन यह हादसा व्यापारियों और प्रशासन के लिए एक सख्त चेतावनी है। बार-बार एक ही जगह आग लगना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा मानकों में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। समय रहते अगर इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में यह लापरवाही किसी बड़े जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
गाजियाबाद के भीड़भाड़ वाले घंटाघर इलाके में मंगलवार दोपहर 3 बजे एक बंद जूतों के शोरूम में भीषण आग लग गई। आग शोरूम की तीसरी मंजिल पर लगी, जहां पहले भी दो बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। मंगलवार को बाजार बंद होने के कारण शोरूम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई, लेकिन लाखों रुपये के जूते और सामान जलकर राख हो गए। पुलिस और फायर विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।