खबरीलाल डेस्क
रविवार का दिन। छुट्टी का खुशनुमा माहौल और एक नई शुरुआत की उमंग। बागपत के रहने वाले आशीष और उनकी पत्नी नीलम के लिए यह रविवार एक सुहावना सफर लेकर आया था, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होने वाला है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर रविवार दोपहर जो खौफनाक मंजर देखने को मिला, उसने रफ्तार के जानलेवा चेहरे को एक बार फिर से बेनकाब कर दिया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे छिजारसी कट के पास एक बेलगाम और तेज रफ्तार ट्रक ने नई बाइक पर सवार इस दंपती को इतनी भयानक टक्कर मारी कि दोनों की मौके पर ही रूह कंपा देने वाली मौत हो गई।Read also:-'टोपी को हाथ लगाने से पहले 10 बार सोचेंगे BJP-RSS वाले...', मेरठ में चंद्रशेखर के करीबी बदर अली के भड़काऊ बयान पर मचा सियासी बवाल
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नई बाइक की खुशियां और खौफनाक हादसे की शुरुआत

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मिली जानकारी और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 36 वर्षीय आशीष कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी थे। वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की बढ़ती जरूरतों, सुविधा और अपनी रोजमर्रा की यात्रा को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से आशीष ने चंद दिन पहले ही बड़े अरमानों से एक नई मोटरसाइकिल खरीदी थी। नई गाड़ी घर में आने से पति-पत्नी दोनों बेहद उत्साहित थे। रविवार की दोपहर आशीष अपनी 32 वर्षीय पत्नी नीलम को इसी नई बाइक पर बैठाकर दिल्ली से मेरठ की ओर जा रहे थे। हाईवे पर ट्रैफिक सामान्य था, लेकिन जैसे ही उनकी बाइक गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एनएच-9 पर छिजारसी कट के समीप पहुंची, पीछे से काल बनकर आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
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50 मीटर तक घिसटते रहे पति-पत्नी, हेलमेट भी हुआ बेअसर

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर इतनी भीषण और अचूक थी कि बाइक का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और वह सड़क पर जा गिरी। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ने वाहन को रोकने की बजाय लापरवाही या घबराहट में ट्रक को दौड़ाए रखा। इसका खौफनाक परिणाम यह हुआ कि भारी-भरकम ट्रक आशीष और नीलम को उनकी नई बाइक के साथ हाईवे पर करीब 50 कदम तक घसीटता हुआ ले गया। सड़क पर दूर तक खिंचे खून और घर्षण के निशान इस हादसे की भयावहता चीख-चीख कर बयां कर रहे थे। सबसे दुखद और विचलित करने वाला पहलू यह रहा कि आशीष ने एक जिम्मेदार नागरिक की तरह यातायात नियमों का पालन करते हुए अपनी सुरक्षा के लिए सिर पर हेलमेट पहन रखा था। लेकिन भारी मशीनरी और खौफनाक रफ्तार के सामने वह मजबूत हेलमेट भी उनकी जान बचाने में पूरी तरह से बेअसर साबित हुआ।
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खून से लाल हुआ हाईवे, चीख-पुकार और चालक का फरार होना

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इस दिल दहला देने वाले हादसे के तुरंत बाद एनएच-9 का वह हिस्सा खून से लाल हो गया। पति-पत्नी ने भारी ट्रक के टायरों के नीचे बुरी तरह कुचले जाने के कारण तड़पकर घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस वीभत्स दृश्य को देखकर हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के रोंगटे खड़े हो गए। अचानक ब्रेक लगने से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों में चीख-पुकार मच गई। इस अफरातफरी और भीड़भाड़ का फायदा उठाते हुए, आरोपी ट्रक चालक अपने वाहन को वहीं बीच सड़क पर छोड़कर मौके से भागने में सफल रहा। स्थानीय राहगीरों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (112) को इस भयानक दुर्घटना की सूचना दी।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और 80 किमी/घंटा की रफ्तार का सच

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हादसे की सूचना कंट्रोल रूम पर फ्लैश होते ही इंदिरापुरम थाना पुलिस की एक टीम तुरंत सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले हाईवे पर जमा भीड़ को किनारे किया और ट्रैफिक को डायवर्ट किया ताकि कोई अन्य वाहन दुर्घटना का शिकार न हो। इंदिरापुरम थाना प्रभारी (SHO) अजाया चौधरी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने सबसे पहले दोनों शवों को कब्जे में लिया, उनका पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया।
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थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को मौके से जब्त कर लिया गया है और उसे क्रेन की मदद से हटाकर हाईवे का रास्ता साफ कर दिया गया है। प्राथमिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर यह बात सामने आई है कि ट्रक की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक थी। एनएच-9 पर भारी वाहनों के लिए यह गति अत्यंत खतरनाक है।
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सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल और ट्रक मालिक की तलाश

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पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आधार पर उसके असली मालिक की जानकारी जुटा रही है। परिवहन विभाग (RTO) के डेटाबेस से मालिक का पता चलते ही फरार चालक की पहचान उजागर हो जाएगी। इसके साथ ही, हाईवे, टोल प्लाजा और छिजारसी कट के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किस एंगल से हुआ और चालक वाहन छोड़कर किस दिशा में भागा है। पुलिस अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि आरोपी चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से वाहन चलाने की गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पीछे छूट गया बिलखता परिवार और सड़क सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
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उधर, बागपत में जब आशीष और नीलम के परिजनों को इस मनहूस खबर की भनक लगी, तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जो घर कुछ दिन पहले नई बाइक के आने की खुशी में झूम रहा था, वहां अब केवल मातम की दर्दनाक चीखें गूंज रही हैं। यह हादसा न केवल एक हंसते-खेलते परिवार के हमेशा के लिए उजड़ने की दुखद कहानी है, बल्कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यातायात पुलिस द्वारा लगातार गति सीमा (Speed Limit) के चालान और अभियान चलाए जाने के बावजूद, हाईवे पर लेन ड्राइविंग के नियमों को तोड़ते हुए 80 या 100 की रफ्तार से दौड़ते ये भारी वाहन, छोटी गाड़ियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए मौत का साया बने हुए हैं। क्या इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) हाईवे पर स्पीड लिमिट को सख्ती से लागू करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? यह सवाल आशीष और नीलम जैसी अनगिनत जानों के छिन जाने के बाद भी अनुत्तरित है।