मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के टीपीनगर थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां एक किशोरी से छेड़छाड़ के आरोप में अपने दो बेटों के जेल जाने से गहरे सदमे में आए एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुल्तान नगर निवासी मुनेंद्र के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस चौकी प्रभारी पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।READ ALSO:-Meerut News: व्यापार बचाने को सेंट्रल मार्केट के व्यापारी एकजुट, 16 दिसंबर को मौन जुलूस और CM को भेजेंगे पोस्टकार्ड
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बेटों के जेल जाने से टूट गए थे पिता

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जानकारी के मुताबिक, टीपीनगर थाना क्षेत्र की ही रहने वाली एक किशोरी ने मुनेंद्र के दो बेटों—तुषार और पीयूष—पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में दोनों भाइयों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
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परिजनों का कहना है कि अपने दोनों जवान बेटों के एक साथ जेल जाने की खबर से पिता मुनेंद्र को गहरा सदमा लगा। वह इस बात को सहन नहीं कर पाए और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी।
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अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

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परिजनों के अनुसार, तीन दिन पहले मुनेंद्र की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार देर रात उनकी हालत और नाजुक हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मुनेंद्र ने दम तोड़ दिया।
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पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप, हंगामा

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रविवार सुबह जब मुनेंद्र का शव घर पहुंचा, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्थानीय चौकी प्रभारी पर उत्पीड़न और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसी तरह लोगों को शांत कराया।
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बेटों की रिहाई की मांग पर अड़े परिजन

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हंगामे के बाद परिजन इस जिद पर अड़ गए कि पिता को मुखाग्नि देने के लिए जेल में बंद दोनों बेटों—तुषार और पीयूष—को बुलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बेटों को नहीं लाया गया, तो वे शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करेंगे। स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए टीपीनगर थाना प्रभारी अरुण मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को समझाया और कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला दिया।
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काफी मान-मनौव्वल के बाद परिजन शांत हुए और आखिरकार मृतक के भतीजे ने मुखाग्नि देकर शव का अंतिम संस्कार किया।
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क्या था पूरा मामला? (पृष्ठभूमि)

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पुलिस के अनुसार, यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा था। मुल्तान नगर निवासी तुषार और उसी क्षेत्र की एक किशोरी के बीच प्रेम संबंध थे। जब किशोरी के परिजनों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने उस पर पाबंदियां लगा दीं।
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    11 अक्टूबर की घटना: किशोरी ट्यूशन जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। तलाश करने पर वह तुषार के घर (मुनेंद्र के घर) मिली। उस समय पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझौता करा दिया था।
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    18 नवंबर को FIR: समझौते के बावजूद दोनों का मिलना-जुलना जारी रहा। इससे नाराज होकर किशोरी के पिता ने 18 नवंबर को तुषार और उसके भाई पीयूष के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करा दिया।
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पुलिस ने इसी मुकदमे में कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों को जेल भेजा था, जिसके बाद से उनके पिता मुनेंद्र गहरे तनाव और सदमे में थे, जो अंततः उनकी मौत का कारण बना।
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यह घटना एक पारिवारिक विवाद और प्रेम प्रसंग के दुखद अंत को दर्शाती है। बेटों के जेल जाने का सदमा एक पिता बर्दाश्त नहीं कर सका और उसकी जान चली गई। पुलिस पर लगे उत्पीड़न के आरोपों की जांच होनी चाहिए, वहीं इस घटना ने समाज में रिश्तों और कानूनी पेचीदगी के बीच पिसते आम आदमी की व्यथा को भी सामने ला दिया है।
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