बिजनौर जिले में आगामी त्योहारों, विभिन्न परीक्षाओं और विधान परिषद चुनावों के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। Bijnor Section 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत जिले के संपूर्ण क्षेत्र में 1 अक्टूबर 2026 से आगामी 30 नवंबर 2026 तक के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इस दौरान किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिससे लोक शांति या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो।

​अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) अंशिका दीक्षित की ओर से इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि आगामी दिनों में जिले में तेजी से राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी। ऐसे में कुछ असामाजिक और अवांछनीय तत्व सक्रिय होकर सार्वजनिक जनजीवन की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे जनपद में धारा 163 प्रभावी की गई है।

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​अगले दो महीनों में होने वाले प्रमुख आयोजन

Bijnor Section 163: बिजनौर में आगामी त्योहारों, परीक्षाओं और विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर 30 नवंबर तक धारा 163 लागू, शांति भंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, जानिए नए नियम

अक्टूबर और नवंबर महीने में बिजनौर जिले में कई बड़े धार्मिक, राष्ट्रीय और राजनीतिक आयोजन होने वाले हैं। प्रशासन ने विशेष रूप से इन आयोजनों के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के लिए यह कदम उठाया है:

  • ​प्रमुख त्योहार: शारदीय नवरात्रि, दशहरा (महाष्टमी, महानवमी और विजयदशमी), दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा।
  • ​जयंतियां और महत्वपूर्ण दिवस: महात्मा गांधी जयंती, महाराजा अग्रसेन जयंती, महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, आचार्य नरेंद्र देव जयंती, चित्रगुप्त जयंती, वीरांगना ऊदा देवी शहीद दिवस, गुरु नानक जयंती और गुरु गोबिंद सिंह जयंती।
  • ​चुनाव व परीक्षाएं: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का द्विवार्षिक चुनाव 2026 तथा जिले में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं।

​नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति या समूह इन आदेशों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन को भी समूचे जिले में गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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