उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और अधिवक्ता के बीच विवाद का एक नया मामला सामने आया है। मेरठ कचहरी में कार्यरत अधिवक्ता ध्रुव गर्ग ने थाना सदर बाजार के प्रभारी (SHO) अखिलेश कुमार मिश्रा पर थाने में डराने-धमकाने और झूठे मुकदमे में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस प्रकरण में मेरठ बार एसोसिएशन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को शिकायती पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है[cite: 1]।
पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा है मामला अधिवक्ता ध्रुव गर्ग के अनुसार, उनका अपने सगे ताऊ रविंद्र मोहन गर्ग के साथ संपत्ति का विवाद चल रहा है। अधिवक्ता का दावा है कि उनके ताऊ ने अगस्त 2024 में संपत्ति बेच दी थी, जिस पर न्यायालय ने डिक्री (376/2025) कर उनके पिता को काबिज करा दिया था। इसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। इससे पहले भी ताऊ के खिलाफ थाना नौचंदी में मुकदमा (अपराध संख्या 375/2025) दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना अभी लंबित है।

थाने में क्या हुआ? आरोप है कि ताऊ रविंद्र मोहन गर्ग ने 9 सितंबर 2026 को एसएसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसकी जांच थाना सदर बाजार को सौंपी गई थी। इसी मामले में 29 सितंबर 2026 को दोपहर 3:45 बजे अधिवक्ता ध्रुव गर्ग अपने पिता की जगह साक्ष्य लेकर थाना सदर बाजार पहुंचे थे। शिकायत के अनुसार, उनकी माताजी का दिल्ली में कैंसर का इलाज चल रहा है, जिसके कारण पिता थाने जाने में असमर्थ थे।

अधिवक्ता का आरोप है कि जब उन्होंने एसएचओ अखिलेश कुमार मिश्रा को न्यायालय की डिक्री, पुरानी एफआईआर और रेंट एग्रीमेंट के सबूत दिखाए, तो पुलिस अधिकारी भड़क गए। आरोप है कि एसएचओ ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि "तू वकील है तो तेरी सारी वकालत निकाल दूंगा और तेरे व तेरे परिवार पर एफआईआर दर्ज कर दूंगा।" शिकायतकर्ता ने बताया कि यह पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›बार एसोसिएशन ने एसएसपी को भेजा पत्र थाने में हुई इस कथित घटना से डरे-सहमे अधिवक्ता ने 30 सितंबर 2026 को मेरठ बार एसोसिएशन में गुहार लगाई। मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री परवेज आलम ने एसएसपी मेरठ को 30-09-2026 को एक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें अधिवक्ता ध्रुव गर्ग (निवासी 209 B-1, वेस्ट एंड रोड, मेरठ कैंट) द्वारा दी गई शिकायत का संदर्भ देते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है[cite: 1]। इसके अलावा, सीओ कैंट कार्यालय से भी 30/09/26 की एक जांच पर्ची (क्रम संख्या 11689) जारी की गई है, जिसमें मामले की शिकायत दर्ज होने की पुष्टि होती है[cite: 2]।
पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.