नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): सितंबर का महीना समाप्त हो चुका है और आज 1 अक्टूबर 2026 से देश में आम आदमी की दिनचर्या, बैंकिंग, इनकम टैक्स फाइलिंग और रसोई बजट से जुड़े 9 बड़े नियम लागू हो चुके हैं। सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सीबीडीटी (CBDT) और विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा किए गए इन फैसलों का आपकी जेब पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

अगर आपने समय रहते इन बदलावों पर ध्यान नहीं दिया या अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) जैसी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं कीं, तो आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि 1 अक्टूबर 2026 से लागू हुए ये 9 बड़े बदलाव कौन से हैं और इनसे आपको क्या फायदा या नुकसान होगा।

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1. LPG सिलेंडर और सब्सिडी का नया नियम (e-KYC अनिवार्य)

अगर आपने अभी तक अपने एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन का बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराया है, तो 1 अक्टूबर 2026 से आपको सब्सिडी वाले दामों पर गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा।

  • क्या सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा? बिल्कुल नहीं! आपको सिलेंडर तो मिलता रहेगा, लेकिन वह बाजार दर (बिना सब्सिडी वाले दाम) पर ही खरीदना पड़ेगा।

  • क्या करें? यदि आप सब्सिडी की राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त करना चाहते हैं, तो तुरंत अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर, डिलीवरी बॉय के जरिए या अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप से बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें।

2. SBI सैलरी पैकेज अकाउंट: दूसरे बैंक के ATM से फ्री निकासी घटी

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने 'सैलरी पैकेज अकाउंट' होल्डर्स के लिए एटीएम (ATM) नियमों में बदलाव किया है।

  • नया नियम: 1 अक्टूबर 2026 से दूसरे बैंक के एटीएम से प्रति महीने मिलने वाले फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा को 10 से घटाकर 5 कर दिया गया है। इसमें कैश निकालने और बैलेंस चेक करने जैसी दोनों तरह की फाइनेंशियल व नॉन-फाइनेंशियल गतिविधियां शामिल हैं।

  • 5 बार से ज्यादा इस्तेमाल पर शुल्क: यदि आप महीने में 5 बार से अधिक दूसरे बैंक के एटीएम का उपयोग करेंगे, तो आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा।

  • ध्यान दें: बीएसबीडी (BSBD/जनधन/बेसिक) खातों पर महीने में 4 फ्री ट्रांजैक्शन का पुराना नियम ही यथावत लागू रहेगा।

3. UPI चार्ज को लेकर फैली अफवाहों की सच्चाई (आम जनता के लिए P2P फ्री)

सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ रही है कि 1 अक्टूबर या 15 अक्टूबर से गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe) या पेटीएम (Paytm) से ₹2,000 से ज्यादा ट्रांसफर करने पर आम जनता से चार्ज वसूला जाएगा।

  • असली सच्चाई: आम उपभोक्ता (Customer) पूरी तरह सुरक्षित हैं। पर्सन-टू-पर्सन (P2P - एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खाते में) पैसे भेजना पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।

  • किस पर लागू होगा नियम? 15 अक्टूबर से लागू होने वाला 0.4% एमडीआर (MDR) फ्रेमवर्क केवल बड़े व्यापारियों (Merchants - जिनका महीने का कलेक्शन ₹1 लाख से अधिक है) पर लागू होता है। आम ग्राहकों को ₹2,000 या उससे अधिक के किसी भी यूपीआई ट्रांसफर पर एक रुपये भी अतिरिक्त नहीं देना है।

4. इनकम टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत: ITR और टैक्स ऑडिट की तारीख बढ़ी

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने कारोबारी वर्ग, कंपनियों और सीए (CA) भाइयों के लिए असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 की टैक्स फाइलिंग डेडलाइन में बड़ी बढ़ोतरी की है:

  • टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Tax Audit Report): जमा करने की अंतिम तिथि को 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है।

  • इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing): ऑडिट मामलों के लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि को 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दिया गया है।

5. NRI से संपत्ति (Property) खरीदना हुआ बेहद आसान

यदि आप किसी गैर-आवासीय भारतीय (NRI) से कोई घर, दुकान, प्लॉट या जमीन खरीदने जा रहे हैं, तो केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक बड़ा झंझट खत्म कर दिया है।

  • TAN का झंझट खत्म: पहले एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदते समय टीडीएस (TDS) काटने के लिए खरीदार को अलग से टैन (TAN - Tax Deduction Account Number) बनवाना पड़ता था। 1 अक्टूबर 2026 से इस शर्त को खत्म कर दिया गया है। अब आप अपने साधारण पैन कार्ड (PAN Card) का उपयोग करके ही आसानी से टीडीएस काटकर जमा कर सकते हैं।

6. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव

यदि आप 1 अक्टूबर 2026 के बाद नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में अपना नया खाता खोलने (रजिस्ट्रेशन कराने) जा रहे हैं:

  • ऑनबोर्डिंग चार्ज: पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP - Point of Presence) के जरिए एनपीएस में नया रजिस्ट्रेशन कराने पर अब उपभोक्ताओं को ₹200 का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज (One-time Onboarding Charge) देना होगा।

7. बैंकों में 'बल्क डिपॉजिट' (Bulk Deposit) की ब्याज दरों पर पारदर्शिता

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) सहित सभी व्यावसायिक बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट (बड़ी एफडी) के नियमों को ज्यादा पारदर्शी बना दिया है।

  • 1 अक्टूबर 2026 से सभी बैंकों को अपनी-अपनी वेबसाइटों पर बल्क डिपॉजिट (Bulk Deposit FD) की संशोधित ब्याज दरों को हर कार्य दिवस (Business Day) की सुबह 10:00 बजे तक (अधिकतम 10:10 AM) अनिवार्य रूप से पब्लिश (सार्वजनिक) करना होगा।

8. स्मॉल सेविंग्स (PPF, SSY) की नई ब्याज दरों का ऐलान जल्द

वित्त मंत्रालय द्वारा सितंबर के अंत में पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes)—जैसे पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)—के लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 (Q3 FY27) तिमाही की नई ब्याज दरों की समीक्षा की गई है। जल्द ही सरकार द्वारा इनकी दरों में बदलाव या उन्हें यथावत रखने की आधिकारिक घोषणा जारी की जाएगी।

9. RBI क्रेडिट पॉलिसी (MPC Meeting) और आपके लोन की EMI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित होने जा रही है।

  • रेपो रेट पर नजर: वर्तमान में आरबीआई का रेपो रेट 5.25% पर बना हुआ है। 7 अक्टूबर को आरबीआई गवर्नर द्वारा नीतिगत दरों की घोषणा की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आने वाले दिनों में आपके होम लोन (Home Loan) या कार लोन (Car Loan) की ईएमआई (EMI) घटेगी, बढ़ेगी या स्थिर रहेगी।

1 अक्टूबर 2026 से लागू हुए ये सभी बदलाव सीधे तौर पर आपके मासिक बजट, बैंकिंग आदतों और वित्तीय फैसलों को प्रभावित करते हैं। इसलिए समय रहते अपने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी करा लें, एसबीआई के दूसरे बैंकों के एटीएम इस्तेमाल करते समय सीमा का ध्यान रखें और अपने वित्तीय नियोजन को अपडेट रखें।

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