गाजियाबाद के नंदग्राम से एक दिन पहले लापता हुए 30 वर्षीय डॉक्टर शिवम कार्तिकेय का शव बुधवार को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कार में मिला। Ghaziabad Doctor Shivam Death मामले में सूचना मिलने के बाद डायल 112 और मुरादनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के मुरादनगर थाना क्षेत्र में एक ब्रेजा कार लंबे समय से एक स्थान पर खड़ी थी। कार संख्या UK06BL3119 के संबंध में डायल 112 पर सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन की जांच की।
कार में मिला डॉक्टर का शव
मुरादनगर पुलिस की जांच में कार के अंदर एक व्यक्ति का शव मिला। उसकी पहचान डॉ. शिवम कार्तिकेय के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, उनकी उम्र 30 वर्ष थी और वह गोपाल स्वरूप के पुत्र थे।
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर शिवम कार्तिकेय राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी मंगल सोसायटी में रहते थे। उनका फ्लैट नंबर 1506 बताया गया है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›परिजनों ने डॉक्टर के लापता होने के बाद नंदग्राम थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार यह गुमशुदगी 29 सितंबर को दर्ज की गई थी। इसके बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।
शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले
मुरादनगर पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में डॉक्टर के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से संबंधित जांच की।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि डॉक्टर ने दवाइयों की ओवरडोज ड्रिप या इंजेक्शन के माध्यम से अपने शरीर में ली थी। इसी वजह से उनकी मृत्यु होने की आशंका पुलिस ने जताई है। हालांकि मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच से स्पष्ट होगी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही डॉक्टर के परिजनों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उनकी मौत से जुड़े घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आ सके।
डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, डॉक्टर की गुमशुदगी नंदग्राम थाने में दर्ज थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मिलने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
नोट: पुलिस की प्रारंभिक जांच में ओवरडोज की बात सामने आने के बावजूद इसे अंतिम मृत्यु-कारण नहीं माना जा सकता। अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.