Meerut Blue Drum Case में बुधवार को मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। 

अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और शव को ड्रम में पैक कर छिपाया गया। कोर्ट ने अब सजा सुनाने के लिए 15 दिन बाद की तारीख तय की है। यानी आज दोषसिद्धि हुई है, जबकि फांसी या उम्रकैद जैसी सजा का फैसला अगली सुनवाई में होगा।

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यह फैसला करीब 13 महीने चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आया है। मामले में करीब 125-126 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी, जिसके बाद 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय की गई थी। 

कोर्ट में मौजूद रहे सौरभ की मां और भाई

फैसले के दिन सौरभ राजपूत के परिवार के लोग भी जिला सत्र न्यायालय पहुंचे। सौरभ की मां और भाई कोर्ट परिसर में मौजूद रहे और फैसले की कार्यवाही पर नजर रखी। परिवार लंबे समय से इस मामले में कड़ी सजा की मांग करता रहा है।

अदालत में दोषसिद्धि का फैसला आने के बाद अब परिवार की नजर सजा पर होने वाली अगली सुनवाई पर है।

मुस्कान और साहिल की वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेशी

मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जेल से अदालत में व्यक्तिगत रूप से लाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। दोनों आरोपी जेल से ही कोर्ट की कार्यवाही में ऑनलाइन शामिल हुए। फैसले से पहले अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।

अब सजा पर होगा फैसला

अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देने के बाद अब सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रखा है। हाालांकी सौरभ के परिजन मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।

22 गवाहों के बयान हुए दर्ज

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सौरभ के परिवार के सदस्यों के अलावा कई अन्य गवाह पेश किए गए। इनमें दवा, चाकू, ड्रम, सीमेंट और रेत से जुड़े दुकानदारों के साथ अन्य लोगों की गवाही भी शामिल रही। अभियोजन ने इन साक्ष्यों को अपनी केस थ्योरी का हिस्सा बनाया। 

मामला सौरभ राजपूत की हत्या और उसके शव को नीले ड्रम में छिपाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। इसी वजह से यह मामला नीले ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ।

अभी सबसे बड़ा अपडेट क्या है?

फिलहाल कोर्ट के आदेश की स्थिति को तीन बिंदुओं में समझा जा सकता है—

1. मुस्कान रस्तोगी — दोषी करार

2. साहिल शुक्ला — दोषी करार

3. सजा — फैसला सुरक्षित

यानी दोषसिद्धि हो चुकी है, लेकिन सजा अभी तय नहीं हुई है। अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि दोनों दोषियों को कानून के तहत कौन-सी सजा दी जाए।

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