चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 Update में बड़ा बदलाव किया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ऑनलाइन Form 6 से अतिरिक्त SIR Declaration हटा दिया गया है। अब ऐसे क्षेत्रों में नए मतदाताओं को Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित सामान्य Form 6 भरना होगा।
लेकिन इस बदलाव को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि SIR Declaration आखिर था क्या और इसे हटाने से नए वोटरों को क्या राहत मिलेगी।
Form 6 क्या होता है?
Form 6 वह वैधानिक आवेदन है, जिसका इस्तेमाल पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। आमतौर पर 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले पात्र नागरिक इसी प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन करते हैं।
SIR के दौरान ऑनलाइन Form 6 में एक अतिरिक्त Declaration जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से पूछा जाता था कि उसका नाम या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में मौजूद था या नहीं। अगर नाम मौजूद होने की जानकारी दी जाती थी तो विधानसभा क्षेत्र, Part/Booth और Serial Number जैसी जानकारी भी मांगी जाती थी।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›विवाद की शुरुआत क्यों हुई?
यह अतिरिक्त Declaration इसलिए चर्चा में आया क्योंकि Form 6 खुद Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित वैधानिक फॉर्म है। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने इस ऑनलाइन बदलाव की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी और सवाल उठाया था कि वैधानिक फॉर्म में बदलाव के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
यहीं से यह सवाल भी उठा कि क्या SIR के लिए अतिरिक्त जानकारी लेने के उद्देश्य से Form 6 के ऑनलाइन संस्करण में अलग Declaration जोड़ा जा सकता है।
अब चुनाव आयोग ने क्या बदला?
26 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग ने अपनी बैठक के बाद स्पष्ट किया कि SIR के दौरान Form 6 के साथ जुड़ा Declaration लागू रहेगा, जबकि non-SIR period में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म इस्तेमाल किए जाएंगे।
इसके बाद 30 सितंबर को SIR पूरी हो चुके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ECINET ऐप और पोर्टल से अतिरिक्त Declaration हटा दिया गया। संबंधित Chief Electoral Officer की वेबसाइटों से भी इसे हटाया गया है। अब वहां नए मतदाता सामान्य वैधानिक Form 6 के जरिए आवेदन करेंगे।
नए वोटरों पर क्या असर होगा?
सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो SIR पूरी हो चुके क्षेत्र में पहली बार वोटर बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
पहले ऑनलाइन प्रक्रिया में उन्हें अपने या माता-पिता/दादा-दादी के पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी देनी पड़ सकती थी। अब SIR पूरी हो चुके क्षेत्रों में यह अतिरिक्त Declaration Form 6 का हिस्सा नहीं रहेगा।
इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव आयोग ने नए वोटरों के लिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया खत्म कर दी है। Form 6 अभी भी लागू है। बदलाव सिर्फ SIR से जुड़े अतिरिक्त Declaration को हटाने का है।
क्या SIR चल रहे राज्यों में भी Declaration हट गया?
नहीं। यही इस पूरे बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण बात है।
जहां SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां SIR से जुड़ी प्रक्रिया और Declaration लागू रह सकता है। चुनाव आयोग ने भी 26 सितंबर के अपने बयान में SIR अवधि और non-SIR अवधि के लिए अलग व्यवस्था स्पष्ट की थी।
इसलिए किसी व्यक्ति को केवल किसी दूसरे राज्य में Form 6 का नया प्रारूप देखकर यह नहीं मान लेना चाहिए कि पूरे देश में एक ही प्रक्रिया लागू है।
क्या इसका मतलब चुनाव आयोग ने अपनी गलती मान ली?
यहां शब्दों को समझना जरूरी है। चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में यह नहीं कहा कि उसने “गलती” की है। आयोग ने अपने 26 सितंबर के निर्णय में SIR के दौरान Declaration को बरकरार रखने और non-SIR अवधि में नियमों के अनुसार निर्धारित Form इस्तेमाल करने की बात कही है।
इसलिए इसे तथ्यात्मक रूप से “विवाद के बाद Form 6 में बदलाव” या “SIR पूरी होने के बाद अतिरिक्त Declaration हटाया गया” कहना ज्यादा सही होगा।
आम मतदाता को क्या समझना चाहिए?
अगर आप पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं तो सबसे जरूरी बात यह है कि Form 6 अभी भी आपका मुख्य आवेदन फॉर्म है।
SIR पूरी हो चुके क्षेत्र में आपको अब अतिरिक्त SIR Declaration नहीं भरना होगा। वहीं SIR प्रक्रिया वाले क्षेत्र में अलग नियम लागू हो सकते हैं।
इस बदलाव का उद्देश्य यह स्पष्ट करना भी है कि SIR खत्म होने के बाद सामान्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में वही वैधानिक Form 6 इस्तेमाल किया जाए जो Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित है।
सीधी भाषा में समझें:
- SIR चल रही है → SIR से जुड़ा Declaration लागू हो सकता है।
- SIR पूरी हो चुकी है → अतिरिक्त Declaration हट गया, सामान्य Form 6 लागू।
- यानी नए वोटरों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि SIR पूरी हो चुके क्षेत्रों में पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देने वाला हिस्सा अब ऑनलाइन Form 6 में नहीं रहेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.