मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित सुमित्रा सत्संग भवन में श्राद्ध पक्ष के दौरान आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण कथा सप्ताह के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। वेदांत सत्संग समिति की ओर से आयोजित कथा में महामंडलेश्वर स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती ने श्रद्धालुओं को कृष्ण चरित्र से जुड़े कई प्रसंग सुनाए।
कथा के दौरान पूतना उद्धार, शकट भंजन, तृणावर्त, अघासुर और बकासुर वध सहित भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक ने इन प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को भगवान के प्रति प्रेम, आस्था और विश्वास का महत्व बताया।

माखन चोरी और गोवर्धन धारण का प्रसंग
कथा में भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी की लीला का भी विस्तार से वर्णन हुआ। स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती ने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाओं में भक्त और भगवान के बीच प्रेम का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कथा में कहा कि जो गोपी हृदय से कन्हैया को चाहती है, भगवान उसके प्रति कृपा भाव रखते हैं।

इसके बाद गोवर्धन धारण की लीला का प्रसंग सुनाया गया। कथा में बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर अपने भक्तों की इंद्र के कोप से रक्षा की। स्वामी ने कहा कि भगवान के प्रति दृढ़ प्रीति और विश्वास को उत्तम भक्ति का आधार माना गया है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›भागवत कथा से भक्ति और ज्ञान का संदेश
स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भक्त के हृदय में भगवान के प्रति प्रेम को बढ़ाने के साथ भगवत तत्व के ज्ञान की ओर ले जाती है। कथा के आयोजकों के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य पितरों के कल्याणार्थ भागवत कथा का श्रवण और आयोजन करना है।
कथा के दौरान व्यास पूजन राजीव शर्मा और ममता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में राशि, नितिन, अनुराधा माहेश्वरी, सुमित्रा देवी और सन्थर पाल सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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