बिजनौर। नगीना थाना क्षेत्र के नैनपुरा गांव में पालन-पोषण के लिए दिए गए एक मासूम बच्चे के लापता होने का मामला सामने आया है। बच्चे के मामा ने गांव के एक दंपती समेत चार लोगों पर बच्चे को बेचने का आरोप लगाया है। मामले में एसपी को शिकायत देकर बच्चे को बरामद कराने और जांच की मांग की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता फरमान अहमद मजदूरी करता है। उसकी पत्नी शबनम के छह बच्चे हैं। बताया गया कि पिछले वर्ष शबनम ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। आरोप है कि नैनपुरा निवासी फरीद की पत्नी शफीकन दाई का काम करती है और प्रसव के दौरान उसने शबनम की देखभाल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार के मुताबिक, छह बच्चों के पालन-पोषण में परेशानी को देखते हुए शफीकन ने शबनम के छोटे बेटे को अपने पास रखने और उसका पालन-पोषण करने की बात कही थी। इसके बाद बच्चा दंपती के पास रहने लगा। शबनम समय-समय पर अपने बेटे से मिलने भी जाती थी।

करीब 15 दिन पहले मिलने पहुंची थी मां

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करीब 15 दिन पहले शबनम अपने बेटे से मिलने पहुंची। वहां उसे बताया गया कि बच्चा बाहर गया हुआ है। इसके बाद परिवार की ओर से बच्चे के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया।

आरोप है कि बाद में फरीद और उसकी पत्नी ने बताया कि उन्होंने असलम और तौफीक के साथ मिलकर बच्चे को बेच दिया है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकी दी गई।

परिजनों ने आशंका जताई है कि बच्चे को कहीं बेच दिया गया है या उसके साथ कोई अनहोनी हुई है। इसके बाद बच्चे के मामा ने शुक्रवार को बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को तहरीर देकर मामले की जांच और बच्चे की बरामदगी की मांग की।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी स्थिति

एसपी की ओर से मामले में जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर बच्चे के चोरी या बेचे जाने की बात आरोप के स्तर पर है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चा कहां है और उसके लापता होने की वास्तविक वजह क्या है।

परिजनों की प्राथमिक मांग बच्चे को सुरक्षित बरामद कराने की है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन