बिजनौर। जिले में कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने एक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की जांच और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गिरोह से जुड़े मामलों की संख्या बढ़कर 18 मुकदमों तक पहुंच गई है और अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आजाद समाज पार्टी से जुड़ी नेता रविता गौतम को पुलिस की ओर से वांछित बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह पर आरोप है कि वह लोगों को महिलाओं के जरिए कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाता था। इसके बाद गंभीर आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर समझौते के नाम पर रकम वसूलने का आरोप है। जांच में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट जैसे मामलों का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
12 आरोपी गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत कई आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। बाद की कार्रवाई में चार महिलाओं और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 12 पहुंची। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह के खिलाफ 18 मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस फरार बताए जा रहे सदस्यों की तलाश में दबिश देने की बात कह रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि गिरोह ने कितने लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया और उनसे कितनी रकम की वसूली की गई।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›रविता गौतम का नाम कैसे आया?
इस मामले में आजाद समाज पार्टी की नेता रविता गौतम का नाम भी सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें नहटौर से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही नेता बताया गया है और पुलिस की ओर से वांछित बताया गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि रविता गौतम की गिरफ्तारी की पुष्टि उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में नहीं है। इसलिए उन्हें गिरफ्तार बताया जाना सही नहीं होगा। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की कानूनी जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस का आरोप है कि गिरोह पहले ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिनसे विवाद या रंजिश चल रही होती थी। इसके बाद कथित तौर पर महिलाओं के जरिए घटनाक्रम तैयार किया जाता और गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
जांच में पुलिस ने कुछ मामलों में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की बात भी सामने आने का दावा किया है। एक कार्रवाई में चार महिलाओं से 13 कथित फर्जी आधार कार्ड बरामद किए जाने की जानकारी दी गई थी।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पुराने मामलों की कड़ियां खंगाल रही है। मामले में आगे होने वाली गिरफ्तारियों और जांच से यह स्पष्ट होगा कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा था और किन-किन मामलों में इसकी भूमिका थी।
नोट: इस खबर में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही रखा गया है। किसी आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में सिद्ध होना बाकी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.